हरियाणा में ई-टेंडरिंग के विरोध में जनवरी से आंदोलनरत सरपंच अब 18 जून को सिरसा आ रहे हैं। यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की होने वाली रैली का विरोध करेंगे। सरपंच एसोसिएशन हरियाणा के प्रधान रणबीर सिंह गिल समैन ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार सरपंचों की बात सुनने को तैयार नहीं है।

सरपंच एसोसिएशन प्रधान ने कहा कि अमित शाह की रैली के विरोध में वे हर तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे, काले झंडे दिखाकर विरोध जताएंगे। इसको लेकर किसान संगठनों से भी वे बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी भी रैली से दूरी बनाकर रखे, क्योंकि जब तक इनकी रैली से दूर नहीं होगी, तब तक अत्याचार जारी रहेगा। सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन पंच सरपंच दबने वाले नहीं हैं। 

उन्होंने कहा कि सरकार कहती थी कि 7 दिन में टेंडर लग जाएंगे। लेकिन चार माह हो गए ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव दे रखे हैं, लेकिन कोई इस्टीमेट तक नहीं बना। गांवों का विकास सरकार ने रोक दिया है। मनरेगा को टेंडर प्रणाली से बाहर रखा है, जिसके पीछे विधायक, मंत्री के चमचों के मार्फत पैसा हड़पने की साजिश है।

 इसके लिए 15 सीनियर आईपीएस और 20 से अधिक DSP को सुरक्षा में तैनात किया गया है। DGP ने सख्त हिदायत दी है कि शाह की सुरक्षा में किसी प्रकार की कोई चूक न हो पाए। DGP पीके अग्रवाल खुद सुरक्षा व्यवस्था की हर पल जानकारी लेंगे।

हरियाणा में राजनीतिक दलों के साथ ही पंच-सरपंच, खापें केंद्रीय गृह मंत्री के हिसार दौरे को लेकर विरोध की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में सरकार शाह की सुरक्षा में किसी प्रकार की कोई चूक नहीं चाहती है।

प्रशासन ने करीब 130 लोगों को नोटिस भेजे हैं। सीएम के जनसंवाद की तरह ही केंद्रीय गृह मंत्री की रैली में खलल न पैदा हो इसलिए सरकार ने पहले ही प्रदर्शनकारियों को नजरबंद करने की प्रकिया शुरू कर दी है। जिला पुलिस के नोटिस से प्रदेश के राजनीतिक माहौल के फिर से गर्माने के आसार बन गए हैं।

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!