सदन में हरियाणा शव सम्मान निपटान विधेयक पास हुआ। ये ऐसा कानून है, जो शवों के साथ सड़क पर प्रदर्शन करने पर रोक लगाता है और मृतकों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार सुनिश्चित करता है। इस विधेयक के अनुसार, अब हरियाणा में सड़कों पर शव रखकर प्रदर्शन करना गैरकानूनी होगा। इस नियम का उल्लंघन करने पर 6 महीने से 3 साल तक की कैद और एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

इस विधेयक पर कांग्रेस के विधायकों ने आपत्ति जताई। कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने कहा- इस कानून से लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन होगा। केंद्र सरकार ने इस विधेयक को वापस क्यों भेजा था?

इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन को आश्वासन दिया कि इस विधेयक में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे लोगों के अधिकारों का हनन हो। केंद्र सरकार द्वारा जिन बिंदुओं पर आपत्तियां की गई थीं, उन्हें दूर कर लिया गया है। इसके पश्चात सदन में विधेयक को पारित कर दिया गया।

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन 4 विधेयक पास हुए। हरियाणा शव सम्मान निपटान विधेयक के तहत अब लोग सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। कानून न मानने पर 6 महीने से 3 साल तक की कैद और एक लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।

साथ ही सदन में हरियाणा ट्रैवल एजेंट रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन विधेयक-2025 भी पास हुआ। इसके तहत बिना वैध रजिस्ट्रेशन प्रमाण-पत्र के कारोबार चलाने वाले एजेंटों के लिए अधिकतम 7 साल की कैद और 5 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

इसके बाद हरियाणा जुआ-सट्‌टा विधेयक-2025 सदन में पारित हुआ। इस विधेयक में मैच फिक्सिंग, चुनाव या खेलों में सट्टेबाजी करने वालों के लिए 3 से 5 साल तक कैद का प्रावधान किया गया। साथ ही प्रॉपर्टी भी जब्त की जाएगी।

आखिर में हरियाणा अनुबंध कर्मचारी जॉब सिक्योरिटी विधेयक-2024 सदन में पेश किया गया। इसके तहत 15 अगस्त 2024 तक 5 साल की सेवाएं पूरी करने वाले अनुबंधित कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

इसके अलावा सदन में बागवानी पौधशाला और अपर्ण संस्था के नियंत्रण से संबंधित विधेयक रिस्टोर किए गए।

सदन में हरियाणा शव सम्मान निपटान विधेयक पास हुआ। ये ऐसा कानून है, जो शवों के साथ सड़क पर प्रदर्शन करने पर रोक लगाता है और मृतकों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार सुनिश्चित करता है। इस विधेयक के अनुसार, अब हरियाणा में सड़कों पर शव रखकर प्रदर्शन करना गैरकानूनी होगा। इस नियम का उल्लंघन करने पर 6 महीने से 3 साल तक की कैद और एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

इस विधेयक पर कांग्रेस के विधायकों ने आपत्ति जताई। कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने कहा- इस कानून से लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन होगा। केंद्र सरकार ने इस विधेयक को वापस क्यों भेजा था?

इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन को आश्वासन दिया कि इस विधेयक में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे लोगों के अधिकारों का हनन हो। केंद्र सरकार द्वारा जिन बिंदुओं पर आपत्तियां की गई थीं, उन्हें दूर कर लिया गया है। इसके पश्चात सदन में विधेयक को पारित कर दिया गया।

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!