रोहतक के गांव भैणी चंद्रपाल में ग्रामीण करीब 70 साल पुरानी परंपरा निभाते हुए 24 घंटे तक ‘गांव बंद’ रखेंगे। इस दौरान गांव के घरों में चूल्हा नहीं जलेगा और ग्रामीण सामूहिक रूप से इस परंपरा का पालन करेंगे।
ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा वर्षों से गांव में चली आ रही है। तय अवधि के दौरान गांव में सामान्य गतिविधियां भी सीमित रहेंगी। ग्रामीणों का कहना है कि नई पीढ़ी को भी इस पुरानी परंपरा से जोड़ने और इसे आगे बढ़ाने के लिए हर साल इसका पालन किया जाता है।
24 घंटे की अवधि पूरी होने के बाद ग्रामीण दोबारा सामान्य दिनचर्या में लौटेंगे। गांव में इस परंपरा को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
रोहतक जिले के महम क्षेत्र की ग्राम पंचायत भैणी चंद्रपाल में 23 सितंबर को 24 घंटे का ‘गांव बंद’ रहेगा। यह 70 साल पुरानी पारंपरिक ‘गांव बंदी’ रस्म के तहत किया जा रहा है। यह बंद 23 सितंबर की शाम 6 बजे से शुरू होकर 24 सितंबर गुरुवार (बृहस्पतिवार) की शाम 6 बजे तक चलेगा।
इस 24 घंटे की गांव बंदी के दौरान किसी भी घर में चूल्हा या आग नहीं जलाई जाएगी। ग्रामीण एक दिन पहले ही अपना खाना बनाकर रख लेते हैं। गांव के सभी मुख्य रास्तों पर युवा मौजूद रहेंगे। इस दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति या वाहन को गांव में आने की अनुमति नहीं होगी।
गांव बंदी के कारण महम-जुलाना सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद रहेगा। वाहन चालकों को सैमाण, बेडवा, फरमाना या निंदाना लाखनमाजरा जैसे दूसरे रास्तों से जाने के लिए कहा गया है। ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के अनुसार, यह 70 साल पुरानी रस्म पशुओं को बीमारियों से बचाने और गांव में सुख, शांति और समृद्धि लाने के लिए निभाई जाती है। प्रशासन और पंचायत ने लोगों और राहगीरों से इस दौरान सहयोग करने की गुजारिश की है।

