रोहतक बस स्टैंड से आज पहली बार 52 की बजाय 59 सीटर बसें दौड़ी। जिन्हें रोहतक बस स्टैंड से वर्कशॉप मैनेजर नरेंद्र पूनिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नई बसें चलने को लेकर रोडवेज कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ यात्रियों में भी उत्साह देखने को मिला। जिन यात्रियों ने पहली बार नई बसों में सफर किया उनको चेहरों पर खुशी दिखी। नई बसों को चलाने से पहले अच्छे से सजाया गया था।

बता दे रोहतक को 2 नई बीएस-6 व एडवांस सेंसर से लैस बसें मिली हैं। साथ ही जो आकार में सामान्य बसों के मुकाबले बड़ी हैं। पहले बसों में 52 सीटें थी, जबकि इन नई बसों में 59 सीटें हैं। जिसे सवारियों के बैठने की सुविधा अनुसार बनाया गया है। साथ ही एडवांस सेंसर से लैस भी हैं।
सेंसर बस में तकनीकी दिक्कत की जानकारी भी देगा, ताकि सफर में कोई दिक्कत ना हो। वहीं हादसों से बचाने में भी सेंसर अपना अहम योगदान निभाएगा। जिन्हें कागजी कार्रवाई व अच्छे से तैयार करने के बाद रूटों पर उतार दिया है। पहले दिन एक बस कोटा के लिए और दूसरी बस पंचकूला के लिए रवाना हुई।
रोहतक बस स्टैंड से पंचकूला और कोटा के लिए नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए वर्कशॉप मैनेजर नरेंद्र पूनिया ने सभी को यात्रा की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि नई बसों को लंबे रूटों पर चलाने का निर्णय लिया गया है। इस मौके पर इंस्पेक्टर रमेश अहलावत, जेकेएमएस प्रदेश प्रधान महासचिव हरियाणा अमित महराना, इंटक प्रदेश महासचिव दिनेश हुड्डा व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
रोहतक डिपो में 2 नई बसें पहुंची हैं। इसके अतिरिक्त 6 बसें और आनी हैं। जिनकी जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है। अभी तक रोहतक डिपो में 192 बसें थी, दो नई बस आने के साथ ही इनकी संख्या 194 पहुंच गई। रोहतक में 200 बसों की आवश्यकता है। मंजूर हुई सभी नई बसें मिलने के बाद बसों की कमी पूरी हो जाएगी। जिसका यात्रियों को लाभ होगा।
