हरियाणा में प्रदूषण नियंत्रण मानकों की धज्जियां उड़ा रहे रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांटों के खिलाफ राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने सख्त रुख अपना लिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में पेश की गई ताजा स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश भर में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 186 प्लांट अवैध पाए गए हैं, जिन्हें बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।

बोर्ड द्वारा की गई मैपिंग में पूरे प्रदेश में 370 RMC प्लांट चिन्हित किए गए थे। जांच में सामने आया कि इनमें से 186 प्लांटों के पास संचालन के लिए आवश्यक सहमति नहीं थी। यानी राज्य में आधे से ज्यादा प्लांट नियमों को ताक पर रखकर चल रहे थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 190 प्लांटों के खिलाफ क्लोजर एक्शन (बंद करने की कार्रवाई) लिया है। इसमें अवैध प्लांटों के साथ-साथ वे प्लांट भी शामिल हैं जो मानकों का पालन नहीं कर रहे थे।

पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए 108 प्लांटों पर पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कई जिलों में अवैध मशीनों को पूरी तरह से डिस्मंतल यानी हटा दिया गया है ताकि वे दोबारा संचालन न कर सकें।

रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इन प्लांटों से निकलने वाली सिलिका डस्ट हवा को जहरीली बना रही थी। अब नए निर्देशों के तहत कन्वेयर बेल्ट और फीडिंग हॉपर को पूरी तरह कवर करना अनिवार्य होगा। धूल को दबाने के लिए वाटर स्प्रिंकलिंग सिस्टम का होना जरूरी है। बिना CTE और CTO प्रमाण पत्र के कोई भी नया प्लांट स्थापित नहीं हो सकेगा।

यह पूरी रिपोर्ट दीपक बनाम हरियाणा राज्य के मामले में NGT के आदेशों पर तैयार की गई है। इस पूरे मामले के नोडल अधिकारी ने पूरे प्रदेश का डेटा संकलित कर ट्रिब्यूनल के समक्ष रखा है। इस कार्रवाई से हरियाणा के निर्माण क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। बोर्ड की इस सख्ती का उद्देश्य दिल्ली-NCR और पूरे हरियाणा में वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार लाना और धूल से होने वाली बीमारियों पर लगाम लगाना है।

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