हरियाणा के गुरुग्राम में लग्जरी रियल एस्टेट का बाजार लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। DLF के अंडर-कंस्ट्रक्शन अल्ट्रा-लक्जरी प्रोजेक्ट ‘द डेहलियाज’ में शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला ने 121 करोड़ रुपए का फ्लैट खरीदकर सुर्खियां बटोर ली हैं। यह सौदा गुरुग्राम के सबसे महंगे आवासीय सौदों में से एक माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मधुसूदन केला ने गोल्फ कोर्स रोड स्थित इस प्रोजेक्ट के टावर-1 की 20वीं मंजिल पर फ्लैट खरीदा है। 15 अप्रैल 2026 को रजिस्टर्ड हुए इस सौदे की कुल कीमत 120.71 करोड़ रुपए दर्ज की गई है। फ्लैट का कारपेट एरिया और बालकनी मिलाकर कुल क्षेत्रफल 8,044 वर्गफुट है, जबकि इसकी कीमत करीब 1.93 लाख रुपए प्रति वर्गफुट बैठती है। निवेशक को बेसमेंट में पांच कार पार्किंग स्लॉट भी आवंटित किए गए हैं।
लग्जरी हाउसिंग का नया बेंचमार्क
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस फ्लैट की प्रति वर्गफुट कीमत मुंबई के मालाबार हिल और दिल्ली के लुटियंस जोन जैसी प्रीमियम लोकेशनों के बराबर पहुंच गई है। इससे साफ है कि गुरुग्राम अब देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
इससे पहले भी इसी प्रोजेक्ट में एक बड़े कारोबारी ने करीब 380 करोड़ रुपए में चार अपार्टमेंट खरीदे थे। वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर Shikhar Dhawan ने भी करीब एक साल पहले यहां 69 करोड़ रुपए का एक फ्लैट खरीदा था।
16 हजार करोड़ की बिक्री कर चुका है प्रोजेक्ट
DLF का ‘द डेहलियाज’ प्रोजेक्ट अभी निर्माणाधीन है, लेकिन इसकी मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कंपनी अब तक यहां 221 अपार्टमेंट बेच चुकी है। इन बिक्री सौदों से कंपनी को करीब 16,000 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।
कंपनी ने पहले दावा किया था कि परियोजना का पजेशन अगले पांच वर्षों में दिया जाएगा, जबकि ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट 31 दिसंबर 2031 तक मिलने की उम्मीद है। साथ ही पजेशन के बाद पांच साल तक किसी भी स्ट्रक्चरल खामी को बिना अतिरिक्त शुल्क के 90 दिनों के भीतर ठीक करने की गारंटी भी दी गई है।
कौन हैं मधुसूदन केला?
Madhusudan Kela भारतीय शेयर बाजार के जाने-माने निवेशकों में गिने जाते हैं। वह एमके वेंचर्स कैपिटल के संस्थापक हैं और अपने फैमिली ऑफिस के निवेश का संचालन करते हैं। इससे पहले वह रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट में चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। निवेश जगत में उनकी राय और निवेश रणनीति को काफी प्रभावशाली माना जाता है।
गुरुग्राम का यह सौदा सिर्फ एक फ्लैट की खरीद नहीं, बल्कि देश के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में बढ़ते भरोसे और हाई-नेटवर्थ निवेशकों की बदलती प्राथमिकताओं का संकेत माना जा रहा है। जिस शहर में कभी कॉर्पोरेट ऑफिस और मिड-सेगमेंट हाउसिंग की चर्चा होती थी, वहीं अब 100 करोड़ से अधिक कीमत वाले अपार्टमेंट सामान्य चर्चा का विषय बनने लगे हैं।

