हरियाणा के भिवानी जिले के डाडम में पहाड़ से चट्टान गिरने से हुए हादसे को 48 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है। अभी तक 5 शव मिल चुके हैं और 2 लोगों को जिंदा निकाला जा चुका है। राहत व बचाव कार्य आज तीसरे दिन भी जारी रहने की संभावना है। मलबे को पूरी तरह से हटाए बगैर यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है कि मलबे के नीचे कोई अन्य आदमी दबा हुआ या नहीं। रविवार देर रात को मलबे से भालौठ वासी धर्मबीर सिंह के शव को निकाला गया था। पत्थरों में बुरी तरह से कुचले जाने के कारण शव क्षत-विक्षत हालत में था। इसके अलावा शनिवार देर रात को पंजाब के दिनेश दत्त के शव को बाहर निकाला गया था। इसके अलावा बागनवाना निवासी बिंदर व मोरखी निवासी सुरेंद्र के शव पहले ही निकाले जा चुके हैं। रविवार को सायं तीन बजे बड़े पत्थरों को ब्लास्ट से तोड़कर टुकड़े किए गए थे। उनके नीचे ही धर्मबीर का शव मिला था।
शनिवार को पहाड़ का 300 फीट से ज्यादा बड़ा टुकड़ा नींव कमजोर होने के कारण खान की तरफ खिसका था। इस खिसके हुए हिस्से के ऊपर के टुकड़े टूटकर खान में भर गए थे, लेकिन बाकी का 100 फीट हिस्सा अभी भी मलबे के सहारे ही अटका हुआ है। यह टुकड़ा भी अपनी जगह से 7 फीट आगे तक निकला हुआ है। मलबे को यहां से साफ करने के बाद यह टुकड़ा भी उसी जगह पर गिरने की संभावना बनी हुई है, जहां पर हादसा हुआ है। अगर इतना बड़ा टुकड़ा फिर से यहां पर गिरता है तो पूरी साइट को क्लीयर करने में काफी ज्यादा समय लग सकता है।
शनिवार की सुबह गांव डाडम की एक खान में भारी भरकम चट्टान खिसकने से बड़ा हादसा हो गया था। हादसे की सूचना मिलते ही कृषि मंत्री जेपी दलाल व उपायुक्त आरएस ढिल्लों, पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत व एसडीएम तोशाम मनीष फौगाट सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा था। जिला प्रशासन ने एक तरफ जहां राहत कार्य शुरू करवाया, वहीं दूसरी ओर एनडीआरएफ गाजियाबाद के अधिकारियों से संपर्क साधा। गाजियाबाद से डिप्टी कमांडेंट बेगराज मीणा के नेतृत्व में 42 लोगों की टीम शनिवार शाम को ही मौके पर पहुंची और तुरंत प्रभाव से बचाव कार्य में जुट गई।
बचाव कार्य के लिए हिसार मिल्ट्री से सेना की एक टुकड़ी को बुलाया गया है। कर्नल पीयूष वर्मा के नेतृत्व में 100 जवानों की टुकड़ी शनिवार शाम से ही घटनास्थल पर तैनात है, जो जरूरत के समय कार्य करेंगे। सेना के जवान हर समय मुस्तैद रहे और पल-पल पर नजर लगाए रहे। हिसार मिल्ट्री के जवानों के अलावा हरियाणा पुलिस के भी 100 जवान घटनास्थल पर बचाव कार्य में मदद के लिए तैनात हैं। इनके साथ एसडीआरएफ के 31 जवान भी तैनात हैं, जो किसी भी जरूरत के समय मदद करेंगे। ऐसे में डाडम में 250 से भी अधिक जवान बचाव कार्य के लिए तैनात हैं।
