ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा अब सुप्रीम कोर्ट में जमानत की गुहार लगाएगी। हिसार जेल में बंद ज्योति की बेल अर्जी दो बार खारिज हो चुकी है। उसके वकील रविंद्र सिंह ढुल का कहना है कि हरियाणा और पंजाब में इसी तरह के मामलों में आरोपियों को मिली जमानत को आधार बनाकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद हरियाणा-पंजाब में कई संदिग्ध जासूस पकड़े गए थे, जिनमें ज्योति का मामला सबसे ज्यादा चर्चित रहा।
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद हरियाणा और पंजाब से कई जासूस पकड़े गए थे। सबसे पहले 8 मई को मालेरकोटला में 2 जासूस पकड़े गए। 13 मई को पानीपत से नोमान इलाही गिरफ्तार हुआ। इसके बाद पुलिस ने हिसार, नूंह, कैथल और जालंधर से गिरफ्तारियां कीं।
इन सभी की गिरफ्तारियों के बाद कुछ कॉमन चीजें सामने आई हैं। इसमें जासूसी के 6 आरोपियों के वीजा को लेकर नई दिल्ली में पाकिस्तानी एंबेसी से संपर्क हुआ। हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के तो पाकिस्तानी एंबेसी अधिकारी दानिश से लिंक तक मिले। इन सभी ने पाकिस्तान की यात्रा भी की।
खास बात ये भी है कि ये सभी 20 से 35 साल की उम्र के यानी युवा हैं। इस उम्र में पैसे और हनीट्रैप के लालच से फंसाना आसान है। वहीं सभी मिडिल क्लास फैमिलीज से हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही पाकिस्तान से जुड़े लोगों पर नजर थी। इनकी कॉल और चैटिंग को इंटरसेप्ट किया गया तो इनके पाकिस्तानी जासूस होने का पता चला। इसके बाद इन्हें अरेस्ट कर लिया गया।
