साेनीपत: शहर में अनेक युवाओं ने किसान आंदोलन में अपनी जान कुर्बान कर शहीद होने वाले 700 से अधिक किसानों की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान युवाओं ने हाथों में कैंडल लेकर एटलस रोड जनसेवा चैरिटेबल सोसाइटी के कार्यालय से सुभाष चौक तक कैंडल मांच किया और शहीद किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसका नेतृत्व यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष ललित पंवार ने किया। जिलाध्यक्ष ललित पंवार ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन काले कृषि कानून बगैर सोचे-समझे, बगैर विचार विर्मश कर लागू किए थे, जिसका परिणाम आज प्रत्येक देशवासी के समक्ष है। सरकार की वजह से किसान मजबूरीवश सड़कों पर बैठे, निहत्थे, भोले-भाले किसानों पर सरकार ने लाठियां बरसाई। जिसमें काफी किसान चोटिल हुए आंदोलन के दौरान सरकार की हठधर्मी, तानाशाही की वजह से 700 से अधिक किसान शहीद हो गए। इतनी शहाद के बाद कुम्भकरण की नींद सो रही सरकार जागी और प्रधानमंत्री ने तीनों काले कानून वापिस लेने का ऐलान किया उन्होंने कहा कि यदि सरकार यह घोषणा बगैर देरी के करती तो 700 किसानों की शहादत क्यों होती। लेकिन केंद्र सरकार व राज्य सरकार तमाशबीन बनकर सारा घटनाक्रम देखती रही। हालांकि खुशी की बात है कि किसानों का संघर्ष रंग लाया, इसके लिए समस्त किसानों को बधाई देता हूं।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि शहीद किसानों के परिवारों को सरकारी नौकरी व उचित मुआवजा दिया जाए। आंदोलनकारियों किसानों पर दर्ज केस वापिस लिए जाए। उन्होंने कहा कि आज खेती की लागत ज्यादा है और किसान की आमदनी कम है, कृषि को लाभकारी बनाने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए। इस दौरान जसपाल आंतिल खेवड़ा, अनिल सीटू, रवि दहिया, अमनदीश शर्मा, विशाल चौहान, इंद्र बड़ौली, प्रिंस सरोहा, राजीव गर्ग, सोनी मलिक, वीरेंद्र सिंह, अनिकेत, महेंद्र सिंह, प्रवीन, प्रदीप, अमित, सिद्धार्थ दहिया, विशाल, शुभम, अमित, सचिन, अनुज सहित युवा मौजूद रहे।

