हरियाणा की आदमपुर सीट से उपचुनाव में जीते भव्य बिश्नोई ने बुधवार को विधायक पद की शपथ ली। भव्य बिश्नोई को विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने अपने कार्यालय में शपथ दिलाई। इस दौरान पिता कुलदीप बिश्नोई के साथ अन्य पारिवारिक सदस्य भी मौजूद रहे। अब हरियाणा में भाजपा विधायकों की संख्या 41 हो गई है।
वहीं शपथ लेने के बाद भव्य बिश्नोई सबसे युवा विधायक बन गए हैं। उनसे पहले दुष्यंत चौटाला सबसे युवा विधायक थे, जिनकी उम्र 34 साल है। बिश्नोई 29 साल की उम्र में विधायक बने है। वह अब हरियाणा में सबसे यंग विधायक हैं।
भव्य पूर्व CM चौधरी भजनलाल के पोते हैं। उनके पिता कुलदीप बिश्नोई के इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई थी। हालांकि राजनीतिक तौर पर देखें तो विधानसभा में दलगत स्थिति के लिहाज से भाजपा को इस जीत का ज्यादा फायदा नहीं। हरियाणा में सरकार चलाने के लिए जननायक जनता पार्टी (JJP) का सहारा लेने की उनकी मजबूरी बनी रहेगी। इतना जरूर है कि भव्य के जीतने के बाद विधानसभा में भाजपा के 41 विधायक हो गए हैं।
हरियाणा विधानसभा में 90 सीटें हैं। राज्य में सरकार बनाने के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा 46 का है। ऐसे में भाजपा को अकेले दम पर सरकार के लिए इतनी सीटें चाहिए। हालांकि भव्य के जीतने के बाद भी भाजपा 41 पर ही सिमटी है। ऐसे में सरकार के बहुमत के लिए जजपा के 10 विधायक उनके लिए जरूरी हैं।
2019 के विधानसभा चुनाव में राज्य में त्रिशंकु विधानसभा बनी थी। BJP को 40 सीटों पर जीत मिली। कांग्रेस के 30 विधायक विधानसभा में हैं। JJP के पास 10 विधायक हैं। बची 9 सीटों में से इनेलो के पास एक, गोपाल कांडा की एचएलपी का एक और 7 सीटों पर निर्दलीय विधायक हैं।
भाजपा और जजपा गठबंधन को तोड़ने पर विरोधी दलों ही नहीं कुछ निर्दलीय विधायकों की भी नजर बनी हुई है। आदमपुर उपचुनाव से पहले भाजपा के हरियाणा प्रभारी बिप्लब देव यहां आए थे। तब उनसे कुछ निर्दलीय विधायकों ने मुलाकात की। तब चर्चा हुई कि निर्दलीय विधायकों ने BJP को समर्थन देने का भरोसा देकर उन्हें गठबंधन तोड़ने की सलाह दी। हालांकि उसके बाद इस बारे में कोई चर्चा नहीं हुई।
हरियाणा में BJP और जजपा के रिश्तों में कई बार खटास नजर आई। हाल ही में आदमपुर उपचुनाव को लेकर उनके रिश्ते तल्ख रहे। आदमपुर में भव्य और कुलदीप बिश्नोई के प्रचार पोस्टरों से दुष्यंत चौटाला गायब रहे। इससे नाराज जजपा नेता वहां प्रचार करने नहीं गए। हालांकि अंतिम दिन CM मनोहर लाल पहुंचे तो डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को भी पहुंचना पड़ा। कुछ दिन पहले CM मनोहर लाल ने दिल्ली में सरकार के कामकाज पर प्रेस कान्फ्रेंस की लेकिन उसमें दुष्यंत नजर नहीं आए। कुछ दिन पहले देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यक्रम से जजपा दूर रही।
आदमपुर उपचुनाव में कुलदीप बिश्नोई के पोस्टर बैनर पर JJP नेताओं के फोटो न होने पर दिग्विजय चौटाला ने कहा था कि इसे देख मुझे हैरानी होती है। हम राज्य में BJP के साथ गठबंधन की सरकार चला रहे हैं। BJP की सीनियर लीडरशिप हमेशा बोलती रहती है कि हमें गठबंधन को और आगे बढ़ाना है। ऐसा उप चुनाव हो और उसके बाद भी JJP के किसी वरिष्ठ नेता की फ़ोटो न हो, यह रवैया काफी चौंकाने वाला है।

