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अस्पताल में चेकअप के लिए आए युवक को अचानक आया हार्ट अटैक, डॉक्टरों ने CPR – शॉक थैरेपी देकर बचाई जान

उज्जैन जिले के नागदा क्षेत्र में शुक्रवार को एक चमत्कारिक घटना देखने को मिली, जब डॉक्टर और उनके मेडिकल स्टाफ की तत्परता से एक युवक की जान बच गई। सीने में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे युवक को ओपीडी में ही दिल का दौरा पड़ा, लेकिन डॉक्टर की ओर से तुरंत दी गई CPR और इलेक्ट्रिक शॉक के चलते युवक की धड़कनें फिर से चलने लगीं। युवक को फिलहाल इंदौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

जानकारी के मुताबिक, नागदा निवासी सन्नी गेहलोत को शुक्रवार दोपहर सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। वह इलाज के लिए चौधरी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर पहुंचे थे। जैसे ही वह डॉक्टर सुनील चौधरी की ओपीडी में पहुंचे और अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे थे, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह कुर्सी से नीचे गिर पड़े। डॉ सुनील चौधरी ने तत्काल युवक की प्राथमिक जांच की, जिसमें उसकी नब्ज बंद पाई गई। डॉक्टर ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बिना देरी किए OPD में ही CPR और इलेक्ट्रिक शॉक देना शुरू कर दिया। डॉक्टर के साथ-साथ अस्पताल स्टाफ ने भी पूरी कोशिश की और करीब 40 मिनट तक चले रेस्क्यू प्रयासों में 12 बार इलेक्ट्रिक शॉक देने के बाद आखिरकार सन्नी की धड़कनें फिर से चलने लगीं। डॉ सुनील चौधरी के मुताबिक”पढ़ाई के दौरान हमें सिखाया गया था कि यदि किसी व्यक्ति की पल्स बंद हो जाए तो 30 से 45 मिनट तक CPR और शॉक देने से हृदय गति दोबारा शुरू हो सकती है। इसी सिद्धांत के आधार पर हमने सन्नी को बचाने का प्रयास किया, और सफलता भी मिली।”जब OPD में यह घटना हुई, उस समय अस्पताल में काफी मरीज मौजूद थे। युवक के अचानक गिरते ही अफरा-तफरी मच गई। डॉ चौधरी ने तत्काल अन्य सभी मरीजों को छोड़कर सन्नी का इलाज शुरू कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

वायरल हो रहा घटना का CCTV फुटेज बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना अस्पताल में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सन्नी पहले कुर्सी पर बैठे होते हैं और अचानक नीचे गिर जाते हैं, जिसके बाद डॉक्टर और स्टाफ तुरंत उन्हें बचाने में जुट जाते हैं। फिलहाल सन्नी को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टर और स्टाफ की समय रहते की गई कार्रवाई के चलते एक जीवन को बचाया जा सका, जिसकी चारों ओर सराहना की जा रही है।

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