हरियाणा में भारी बारिश होने को लेकर फिर मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी कर दिया है। 4 जिलों पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। बाढ़ ग्रस्त इलाकों में अब कोई बीमारी या महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। राज्य के 12 जिलों में 20 हजार से ज्यादा लोग बीमार हैं। 4 हजार लोग बुखार से पीड़ित हैं

हालांकि सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। अभी तक 605 मेडिकल कैंप सरकार की ओर से संचालित किए जा रहे हैं। सूबे के 12 जिले अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, सिरसा, फतेहाबाद, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, पलवल और फरीदाबाद में बाढ़ आई है। सरकार इसकी घोषणा कर चुकी है।

हरियाणा के करनाल ज़िले में बाढ़ से हालात काफी खराब हैं। यमुना उफान पर बह रही है। नबीपुर और खराजपुर में यमुना का कटाव जारी है। लालूपुरा में अभी तक कटाव नियंत्रण में है। बाढ़ग्रस्त इलाकों में बीमारियों से निपटने के मेडिकल टीमें पहुंच रही हैं। बाढ़ से जो लोग बेघर हुए हैं, वे भी सरकार से दोबारा मकान बनाने को लेकर मुआवजा मिलने की आस में बैठे हैं।

सिरसा मे घग्गर नदी का जलस्तर लगातार 50 हजार क्यूसेक से ऊपर चल रहा है। ऐसे में सिरसा, रानियां, ऐलनाबाद के साथ-साथ 49 गांव पहले ही खतरे में है। अब रंगोई नाले ने भी इस खतरे का बढ़ दिया है। बीते 24 घंटे में रंगोई नाला छह जगह से टूट चुका है। गांव सिंकदरपुर के पास रंगोई नाला टूटने के बाद नेशनल हाईवे के साथ पानी लग चुका है। वहीं फतेहाबाद से भी पानी अब सिरसा के गांव में पहुंचने के आसार हैं। ऐसे में 10 गांव प्रशासन ने रडार पर रखे हैं।

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