मधु किश्वर के खिलाफ दर्ज केस में आज वे चंडीगढ़ पुलिस की जांच में शामिल हो सकती हैं। पुलिस ने उन्हें सेक्टर-26 थाने में पेश होने के लिए नोटिस दिया है, जो मंगलवार को दिल्ली स्थित उनके घर जाकर सौंपा गया।
पुलिस टीम में इंस्पेक्टर इरम रिजवी और इंस्पेक्टर सरित राय शामिल थीं। मधु किश्वर के मुताबिक, 20 अप्रैल की रात पुलिस उनके दफ्तर पहुंची, जहां उस समय वे एक वीडियो रिकॉर्ड कर रही थीं। उन्होंने पुलिस टीम से थोड़ी देर इंतजार करने को कहा और देर रात पहुंचने पर आपत्ति भी जताई।
दरअसल, 20 अप्रैल को ही सेक्टर-26 थाने में मधु किश्वर समेत अन्य के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। शिकायत में आरोप है कि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने एक वीडियो को गलत पहचान के साथ वायरल किया और उसमें अश्लील व भ्रामक शब्द जोड़कर पेश किया, जिससे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की छवि खराब करने और समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश की गई।
दिल्ली में पुलिस और मधु किश्वर के बीच बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से कोई दुर्भावना नहीं थी। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस टीम स्थानीय पुलिस के साथ क्यों नहीं आई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे सिर्फ नोटिस देने पहुंचे थे।
मधु किश्वर ने कानून का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के घर पर सूर्यास्त के बाद पुलिस की कार्रवाई नियमों के तहत सीमित होती है और दिन में आना उचित होता। हालांकि उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने बातचीत के दौरान शालीनता बनाए रखी।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के साथ-साथ IT एक्ट की धाराएं 66C, 66D और 67 के तहत केस दर्ज किया है। जांच के दौरान संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं।
