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World Hindi Day 2025: हिंदी से दूर भाग रहे हैं बच्चे, इन तरीकों से पेरेंट्स समझाएं मातृभाषा का महत्व

10 जनवरी का इतिहास कई मायने में, विशेष तौर पर हिन्दी प्रेमी लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन विश्व हिन्दी दिवस होता है। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए 2006 में प्रति वर्ष 10 जनवरी को हिन्दी दिवस मनाने की घोषणा की थी। विश्व में हिन्दी का विकास करने और एक अंतरराष्ट्रीय भाषा के तौर पर इसे प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से विश्व हिन्दी सम्मेलनों की शुरुआत की गई।  इस बार विश्व हिंदी दिवस का विषय ‘एकता और सांस्कृतिक गौरव की वैश्विक आवाज’ रखा गया है। जिसका उद्देश्य भाषाई और अंतर्राष्ट्रीय आदान-प्रदान के लिए हिंदी भाषा के उपयोग को बढ़ावा देना है।

हिंदी भाषा हमारे देश की पहचान और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बच्चों को हिंदी भाषा का महत्व समझाना और उसमें उनकी रुचि बढ़ाना आज के समय में आवश्यक हो गया है, खासकर जब वे अन्य भाषाओं के प्रभाव में आकर अपनी मातृभाषा से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में बच्चों को हिंदी में कहानियां और कविताएं सुनाएं। पंचतंत्र, हितोपदेश, और प्रेमचंद की कहानियों जैसी हिंदी साहित्यिक कृतियों से शुरू करें, इससे बच्चों की कल्पनाशक्ति और भाषा की समझ दोनों बढ़ेगी।

घर में रोज़मर्रा की बातचीत हिंदी में करें। उन्हें रोजमर्रा की चीजों के नाम हिंदी में बताएं और उनसे हिंदी में जवाब देने के लिए प्रेरित करें।  इससे बच्चों की हिंदी बोलने की आदत बनेगी और वे सहजता से हिंदी में संवाद करना सीखेंगे। बच्चों को हिंदी की क्लासिक और आधुनिक साहित्यिक कृतियों से परिचित कराएं। इसके अलावा, उनके साथ हिंदी फिल्में और नाटक देखें, जो सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश देती हों।

बच्चों के साथ हिंदी के पारंपरिक खेल, जैसे अंताक्षरी, और पहेलियों का खेल खेलें। इससे वे शब्दों के अर्थ और उनके उपयोग को मजेदार तरीके से सीख पाएंगे। खेल और पहेलियों के जरिए बच्चों की भाषा कौशल में सुधार होगा और वे नए शब्द भी सीखेंगे।  बच्चों को हिंदी में भाषण, वाद-विवाद, कविता पाठ, और लेखन प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करें।  ये प्रतियोगिताएं बच्चों की भाषा कौशल और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ावा देती हैं।

बच्चों को हिंदी भाषा के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व के बारे में बताएं। उन्हें समझाएं कि हिंदी भाषा हमारी पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे जानना और समझना क्यों जरूरी है।  इससे बच्चों में भाषा के प्रति गर्व और सम्मान की भावना विकसित होगी। हो सके तो बच्चों को हिंदी पुस्तकों के पुस्तकालय में ले जाएं और उन्हें अपनी पसंद की किताबें चुनने के लिए प्रेरित करें। घर में भी हिंदी की किताबों का एक छोटा सा पुस्तकालय बनाएं।

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