पंजाब के लुधियाना में ढाई साल की बच्ची को जिंदा दफनाने वाली पड़ोसन महिला नीलम को कोर्ट ने फांसी की सजा सुना दी है। महिला ने बच्ची दिलरोज को पहले किडनैप किया। इसके बाद गड्ढा खोदकर उसे जिंदा दफना दिया। इससे उसकी मौत हो गई।
दिलरोज की हत्या की दोषी नीलम को जब फांसी की सजा सुनाई गई तो वह जज के सामने फूट-फूटकर रोने लगी। उसने जज से रहम की अपील की। नीलम ने कहा, ‘जज साहब, प्लीज मुझे बख्श दो। मेरे भी दो बच्चे हैं।’
इस पर टिप्पणी करते हुए सेशन जज मनीष सिंघल ने कहा कि नीलम ने जो हरकत की है, उससे समाज को बचाने और सुधारने की जरूरत है। इस पर कोई रहम नहीं बनता। उम्मीद है कि सजा के इस फैसले के बाद कोई भी आपराधिक तत्त्व ऐसा घिनौना काम नहीं करेगा, जिससे समाज को शर्मसार होना पड़े।
नीलम ने 28 नवंबर 2021 को शिमलापुरी इलाके से बच्ची दिलरोज को स्कूटी पर किडनैप कर सलेम टाबरी इलाके में गड्ढा खोद कर जिंदा दफन कर दिया था। इस मामले में बीते शुक्रवार को सेशन जज मुनीष सिंघल की अदालत ने उसे दोषी ठहराया था।
नीलम को फांसी की सजा होने के बाद दिलरोज के पिता हरप्रीत सिंह ने कहा कि आज उन्हें इंसाफ मिला है। इसके लिए वह कानून का और देश के सिस्टम का आभार जताते हैं, जिन्होंने हत्यारी महिला को फांसी की सजा सुनाई। पूरे देश के लोगों का भरोसा एक बार फिर न्यायपालिका पर कायम हुआ है।
पुलिस को दी शिकायत में परिजनों ने बताया था कि दिलरोज घर से गायब हुई थी। इसके बाद उसकी अपने स्तर पर तलाश की गई। नीलम भी दिलरोज की तलाश करने का नाटक कर रही थी। बाद में किडनैपिंग के शक में पुलिस को शिकायत दी। पुलिस जांच के लिए मौके पर पहुंची और इलाके में CCTV कैमरे चेक किए।
इस दौरान पुलिस को दिखा कि नीलम ही बच्ची को स्कूटी पर बैठाकर ले जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने नीलम को हिरासत में ले लिया।
पुलिस की पूछताछ में नीलम ने दिलरोज की हत्या की बात कबूल कर ली। उसने पुलिस को बताया कि वह दिलरोज को एल्डिको के नजदीक खाली जगह पर ले गई। वहां उसने गड्ढे में उसे जिंदा दफन किया। नीलम के इस खुलासे के बाद पुलिस और परिवार उस जगह पहुंचे और बच्ची को गड्ढे से बरामद किया।
बच्ची को तुरंत DMC अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। तब नीलम के खिलाफ IPC की धारा 364 (हत्या के इरादे से अपहरण), हत्या (302) और सबूत नष्ट करने (201) के तहत केस दर्ज कर लिया। आज उस मामले में कोर्ट ने नीलम को फांसी की सजा सुनाई है।
