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रोहतक की महिला का PGI चंडीगढ़ पर बड़ा आरोप! कागजों में BOY, परिवार को दी GIRL; बच्चे की मौत के बाद उठे गंभीर सवाल

रोहतक की गीता कॉलोनी निवासी कोमल के परिवार ने पीजीआई चंडीगढ़ में डिलीवरी के बाद बच्चा बदलने का गंभीर आरोप लगाया है। कोमल के पति लक्की वर्मा का आरोप है कि पीजीआई के दस्तावेजों में बच्चे का जेंडर BOY दर्ज किया गया, जबकि उन्हें बाद में FEMALE बच्चा दिया गया। मामले को लेकर परिवार ने पीजीआई थाना चंडीगढ़ में शिकायत देकर जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों के अनुसार, कोमल करीब छह माह की गर्भवती थीं। दर्द होने पर उन्हें 18 अगस्त को पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया, जहां सुबह उनकी प्री-मैच्योर डिलीवरी हुई। परिवार का दावा है कि बच्चे के जन्म के बाद अस्पताल के कागजात में मेल/BOY दर्ज किया गया था।

लक्की वर्मा का आरोप है कि डिलीवरी के करीब आठ घंटे बाद डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि बच्चे को मशीन और ICU की जरूरत है तथा अस्पताल में जगह नहीं होने के कारण उसे निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई।परिवार के मुताबिक, 18 अगस्त की रात करीब साढ़े 11 बजे बच्चे को पीजीआई से लगभग 40 किलोमीटर दूर मिरंडा के फतेह अस्पताल ले जाया गया। वहां 19 अगस्त की दोपहर परिजनों को बताया गया कि बच्चा मेल नहीं बल्कि फीमेल है। यह सुनकर कोमल की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गईं।

बच्चे को वापस पीजीआई ले जाने को कहालक्की वर्मा के अनुसार, जब उन्होंने पीजीआई पहुंचकर बच्चा बदलने की बात उठाई तो डॉक्टरों ने बच्चे को वापस अस्पताल लाने के लिए कहा। परिवार 20 अगस्त को बच्चे को लेकर दोबारा पीजीआई पहुंचा। परिजनों का दावा है कि अस्पताल की ओर से एम्बुलेंस का खर्च देने, बच्चे का इलाज निशुल्क करने और मां के लिए निजी कमरे की व्यवस्था करने की बात कही गई।

21 अगस्त को बच्चे की मौतपरिवार का आरोप है कि पीजीआई वापस लाने के बाद 21 अगस्त को बच्चे की मौत हो गई। लक्की वर्मा ने बच्चे की मौत को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिवार ने अभी तक बच्चे का शव नहीं लिया है और शव डेड हाउस में रखा होने की बात कही है।

डॉक्टरों ने जेंडर स्पष्ट न होने की बात कहीलक्की वर्मा का कहना है कि जब उन्होंने दस्तावेजों में BOY लिखे होने और बाद में FEMALE बच्चा दिए जाने पर सवाल किया, तो डॉक्टरों की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि छह माह के बच्चे का जेंडर स्पष्ट रूप से पता नहीं चलता। परिवार का सवाल है कि यदि जेंडर स्पष्ट नहीं था तो दस्तावेजों में BOY कैसे दर्ज किया गया।

डायरेक्टर से हुई मीटिंग, कार्रवाई की मांगलक्की वर्मा के अनुसार, रविवार को पीजीआई चंडीगढ़ के डायरेक्टर के साथ परिवार की मीटिंग हुई। इसमें मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही पुलिस थाने में भी शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। फिलहाल परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।

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