पानीपत। हरियाणा के पानीपत में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सोमवार सुबह एक नवजात शिशु को प्लास्टिक के कट्टे में बंद कर सड़क किनारे फेंक दिया गया। घर के बाहर सफाई कर रही एक महिला की नजर कट्टे पर पड़ी। कट्टे में हलचल होने पर उसने उसे खोला तो अंदर नवजात शिशु मिला। लोगों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल नवजात का इलाज सिविल अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में चल रहा है।
सफाई के दौरान कट्टे में दिखी हलचल
शिव नगर की गली नंबर-5 निवासी यार्न कारोबारी अक्षय जिंदल ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 6 बजे उनकी मां सुधा जिंदल घर के बाहर सफाई कर रही थीं। इसी दौरान पड़ोस के मकान के सामने पड़े प्लास्टिक के कट्टे में हलचल दिखाई दी। शक होने पर उन्होंने बेटे और आसपास के लोगों को बुलाया। जब कट्टा खोला गया तो उसमें एक नवजात शिशु मिला।
गर्भनाल भी नहीं काटी गई थी
लोगों के मुताबिक, बच्चे का जन्म करीब दो से तीन घंटे पहले ही हुआ था। उसके पेट से गर्भनाल भी अलग नहीं की गई थी। डायल-112 पर सूचना देने के बाद नवजात को पहले निजी अस्पताल और फिर बाल कल्याण समिति (CWC) तथा पुलिस की मौजूदगी में सिविल अस्पताल के SNCU वार्ड में भर्ती कराया गया।
CCTV फुटेज से महिला तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान पुलिस और नारी तू नारायणी उत्थान समिति की टीम ने आसपास के 20 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के आधार पर पुलिस लेबर क्वार्टर पहुंची और वहां रहने वाली एक महिला को हिरासत में लिया।
महिला ने बताई पूरी कहानी
पूछताछ में महिला ने बताया कि वह मूल रूप से बिहार की रहने वाली है। उसके पति की करीब पांच साल पहले मौत हो चुकी है और उसकी चार बेटियां हैं। करीब डेढ़ साल पहले वह एक रिश्तेदार के साथ पानीपत आई थी। इसी दौरान दोनों के बीच संबंध बने और वह गर्भवती हो गई। गर्भावस्था की जानकारी मिलने पर रिश्तेदार उसे छोड़कर चला गया।
महिला ने पुलिस को बताया कि रविवार रात उसने अकेले ही घर पर बच्चे को जन्म दिया। लोकलाज के डर से सोमवार सुबह करीब 5 बजे नवजात को प्लास्टिक के कट्टे में डालकर कूड़े के ढेर के पास छोड़ दिया।
पुलिस कर रही कार्रवाई
पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं डॉक्टरों की निगरानी में नवजात का इलाज जारी है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
