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बिना फैमिली ID अब हरियाणा मे नहीं कर सकेंगे ग्रेजुेएशन:29 मई को शुरू होगी एडमिशन प्रक्रिया;बिना PPP वाले स्टूडेंट्स को नहीं मिलेगा प्रवेश

हरियाणा में ग्रेजुएशन करने वाले युवाओं को बड़ा झटका लगा है। कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए उच्च शिक्षा विभाग की ओर से परिवार पहचान पत्र (PPP) को जरूरी कर दिया गया है। युवाओं को एडमिशन फॉर्म के साथ ही अपनी फैमिली आई-डी अपलोड करनी होगी। बिना पीपीपी वाले स्टूडेंट्स को प्रवेश लेने में परेशानी आएगी।

हरियाणा में सोमवार से सरकारी कॉलेजों में स्नातक कोर्सों के लिए केंद्रीकृत ऑनलाइन दाखिले प्रक्रिया शुरू हो रही है।राज्य के सरकारी कॉलेज सोमवार से बुधवार तक अपनी प्रोफाइल भरना शुरू करेंगे, जिसके बाद 5 जून से 19 जून तक युवा आवेदन शुरू कर देंगे। कॉलेज 8 से 23 जून तक दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू करेंगे। सत्यापन का काम पूरा होने के बाद 1 से 20 जुलाई के बीच मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी।

हरियाणा में कॉलेज एडमिशन के लिए फैमिली आई-डी जरूरी होने से कई परेशानियां आएंगी। शिक्षा विभाग के एक प्रोफेसर ने बताया कि स्टूडेंट्स के पीपीपी डाटा को शिक्षकों की एक समिति द्वारा वेरिफाई किया गया। इस दौरान अभिभावकों से जब डाटा मांगा गया तो उन्होंने जानकारी देने से इंकार कर दिया। इस कारण से बिना डाटा के ही अधूरा सेट जमा किया गया है।

एडमिशन के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य होने से बड़ी संख्या में युवाओं को ग्रेजुएट बनने का मौका नहीं मिल पाएगा। इसकी बड़ी वजह यह है कि राज्य में कई युवा ऐसे हैं जिनके पास फैमिली आई-डी नहीं है। इसके साथ ही जिनके पास यह आई डी है उनका सटीक डाटा उसमें शामिल नहीं है। इस कारण से वेरिफिकेशन में काफी परेशानी आएगी।

उच्चतर शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट किया है कि सीटों की संख्या भी स्पष्ट तौर पर होनी चाहिए। इसमें लापरवाही बरतने वाले संबंधित प्रिंसिपल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही कॉलेजों को विषय संयोजन की सीटों को फ्रीज करने के बाद बदलाव की अनुमति नहीं दी जाएगी। कॉलेज पाठ्यक्रम की सीटों में खेल कोटे की सीटों का भी स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया जाना अनिवार्य है।

एडिड व प्राइवेट कॉलेजों को ओपन काउंसलिंग के दौरान ऑफलाइन मोड पर फीस लेने की छूट दी गई है। सभी छात्राओं और अनुसूचित जाति के सभी विद्यार्थियों की राजकीय कॉलेजों में ट्यूशन फीस शून्य है। 2.50 लाख से कम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को एडिड व प्राइवेट कॉलेजों में निर्धारित मानदंडों के अनुसार फीस में छूट दी जाएगी। सरकारी कॉलेजों में छात्रों को एकमुश्त किश्त में वार्षिक शुल्क देना होगा।

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