चंडीगढ़, 16 अगस्त। हरियाणा सरकार द्वारा नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के साथ 13 मई को हुए समझौते में 17 मांगों पर सहमति बनने के बावजूद उन्हें लागू न किए जाने के विरोध में पालिका एवं फायर कर्मचारी अब आंदोलन को और तेज करेंगे।
राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री , महासचिव मांगे राम तिगरा हरियाणा रागनी संबल विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिन्द व महासचिव गुलशन भारद्वाज ने बताया कि सरकार ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा समाप्त कर कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेने, न्यूनतम वेतन देने, सफाई एवं सीवर कर्मचारियों की पक्की भर्ती करने सहित कर्मचारियों की 17 मांगों पर सहमति जताई थी। इसके बावजूद आज तक इन मांगों को लागू करने के लिए आवश्यक आदेश जारी नहीं किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कर्मचारियों के साथ किए गए इस विश्वासघात के खिलाफ 18 अगस्त को प्रदेशभर के सभी नगरपालिका, नगर परिषद एवं नगर निगम कार्यालयों में दो घंटे तालाबंदी की जाएगी। इस दौरान कर्मचारी सरकार के प्रति विरोध दर्ज करवाते हुए “विश्वासघात दिवस” मनाएंगे तथा निकाय मंत्री का पुतला पहनाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
पालिका सदनों से सरकार को प्रस्ताव भेजने की मांग
आंदोलन के अगले चरण में पालिका एवं फायर कर्मचारी प्रदेश की सभी नगरपालिकाओं एवं नगर परिषदों के चेयरमैन तथा सदन के सदस्यों और नगर निगमों के महापौर एवं सदन के सदस्यों को ज्ञापन सौंपेंगे।
संघ की ओर से मांग की जाएगी कि पालिका एवं नगर निगम सदन कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में सदन प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजें, ताकि सरकार पर समझौते को लागू करने का दबाव बनाया जा सके।
20 से 25 अगस्त तक विधायकों के आवास एवं कार्यालयों पर प्रदर्शन
संघ ने घोषणा की है कि 20 अगस्त से 25 अगस्त तक प्रदेश के सभी 90 विधायकों के आवासों एवं कार्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे। इस दौरान कर्मचारियों द्वारा शहरों के मुख्य बाजारों में भी जनता से आंदोलन में सहयोग की अपील की जाएगी।
कर्मचारी जनता के बीच सरकार से सवाल करेंगे कि सफाई कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण एवं दुर्व्यवहारपूर्ण रवैया क्यों अपनाया जा रहा है तथा सीवरों में सफाई कर्मचारियों की लगातार हो रही मौतों को रोकने के लिए सरकार ठोस कदम क्यों नहीं उठा रही है।
राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि सफाई एवं सीवर कर्मचारियों की जान की कीमत किसी भी सरकारी योजना या आश्वासन से कम नहीं है। सरकार को कर्मचारियों के साथ किए गए समझौते को लागू करते हुए ठेका प्रथा समाप्त, कच्चे कर्मचारियों को पक्का, सफाई एवं सीवर कर्मचारियों की नियमित भर्ती तथा सीवर में होने वाली मौतों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
संघ ने प्रदेश के सभी कर्मचारी, मजदूर, किसान, दलित, सामाजिक संस्थाओं एवं दलित संगठनों से अपील की है कि वे पालिका एवं फायर कर्मचारियों के आंदोलन में सहयोग एवं समर्थन करें तथा सरकार से कर्मचारियों की न्यायपूर्ण मांगों को लागू करवाने में अपनी भूमिका निभाएं।
नरेश कुमार शास्त्री
राज्य प्रधान
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा
