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रंग लगाने से मना किया तो गला दबाकर की हत्या, लाइब्रेरी में तीन स्टूडेंट ने मिलकर युवक को लात-घूंसों से पीटा

राजस्थान में होली के मौके पर दर्दनाक घटना सामने आई है। होली का त्योहार खुशियों का त्योहार माना जाता है, लेकिन राजस्थान के दौसा में तीन युवकों ने मिलकर इसे एक परिवार के लिए दुख का दिन बना दिया है। यहां रंग लगाने से रोकने पर तीन युवकों ने एक युवक की गला घोंटकर हत्या कर दी।

मामला दौसा के राल्वास गांव का है। रामगढ़ पचवारा के रालावास गांव में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे 25 वर्षीय छात्र हंसराज की बेरहमी से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। आरोप है कि रंग लगाने से मना करने पर तीन छात्रों ने उसे बेल्ट और लात-घूंसों से पीटा और गला दबाकर उसकी जान ले ली।

बता दें कि घटना बुधवार दोपहर करीब चार बजे गांव की लाइब्रेरी में हुई, जहां हंसराज पढ़ाई कर रहा था। गुरुवार को इस घटना का वीडियो सामने आया, जिसके बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने लालसोट अस्पताल में प्रदर्शन किया। इसके बाद शव को लेकर नेशनल हाइवे-148 (दौसा-कौथून) पर रखकर धरना दिया गया, जिससे हाइवे आठ घंटे तक जाम रहा।

लालसोट एएसपी दिनेश अग्रवाल के मुताबिक, हंसराज का लाइब्रेरी में पढ़ने वाले तीन छात्रों अशोक, बबलू और कालूराम से होली के रंग लगाने को लेकर विवाद हो गया। जब हंसराज ने रंग लगाने से इनकार किया, तो तीनों उसे जबरदस्ती लाइब्रेरी के अंदर खींच ले गए और बेल्ट व घूंसों से बेरहमी से पीटा। मारपीट के दौरान किसी ने उसका गला दबा दिया, जिससे वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद लाइब्रेरी में मौजूद अन्य छात्र मौके पर इकट्ठा हो गए। एक महिला ने हंसराज को होश में लाने की कोशिश भी की और आरोपियों को फटकार लगाई, लेकिन जब हंसराज होश में नहीं आया, तो आरोपी वहां से भाग गए। उसे गंभीर हालत में लालसोट के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की खबर मिलते ही हंसराज के परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और फिर शव को लेकर हाइवे पर प्रदर्शन करने लगे। लोगों ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी। करीब आठ घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण हाइवे पर यातायात बाधित रहा। प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई और सहायता का आश्वासन दिए जाने के बाद देर रात एक बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ और शव को हाइवे से हटाया गया।

हंसराज चार भाइयों में सबसे छोटा था और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है। उसकी हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है और लोगों ने न्याय की मांग की है। पुलिस के अनुसार फुटेज के आधार पर तीन आरोपियों की पहचान हुई है। पुलिस ने एक आरोपी को डिटेन कर लिया है. दो अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए अभी भी दबिश दी जा रही है।

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