हरियाणा में फिर से मानसून एक्टिव हो गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार आज शनिवार को अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि यमुनानगर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। सुबह से पानीपत में तेज बारिश और झज्जर में बूंदाबांदी हुई, जबकि हिसार, रेवाड़ी और सोनीपत में बादल छाए हुए है।
आईएमडी के अनुसार, मौसम के दोबारा से एक्टिव होने के पीछे मानसूनी टर्फ है, जो फिलहाल अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बनी हुई है। दक्षिण-पूर्व राजस्थान पर सक्रिय लो-प्रेशर एरिया से जम्मू तक एक ट्रफ बनी हुई है। यही सिस्टम हरियाणा में नमी पहुंचा रहा है।
इसके असर से प्रदेश में 24-25 जुलाई को कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। हालांकि 26 जुलाई को बारिश कुछ कम हो सकती है, जबकि 28 जुलाई को उत्तर, पूर्व और दक्षिण हरियाणा के बड़े हिस्से में भारी वर्षा के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
हरियाणा में मानसून अब धीरे-धीरे दोबारा सक्रिय हो रहा है। 28 जुलाई से बारिश का सबसे प्रभावी दौर शुरू होने का अनुमान है। मौसम बुलेटिन के अनुसार 28 से 30 जुलाई के बीच राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है।
कृषि मौसम केंद्र ने किसानों को अगले कुछ दिनों तक मौसम को देखते हुए कृषि कार्य करने की सलाह दी है। किसानों से कहा गया है कि मौसम परिवर्तनशील रहने और बारिश की संभावना के कारण खेतों में काम करने से पहले मौसम पर नजर रखें।
कपास के खेतों से अतिरिक्त पानी तुरंत निकालें, जलभराव न होने दें। धान की रोपाई जारी रख सकते हैं, लेकिन गहरी रोपाई से बचें। सब्जियों और बागवानी फसलों में अगले 3 दिन सिंचाई टालें। ज्यादा नमी के कारण चूसक कीट बढ़ सकते हैं, नियमित निगरानी करें। पशुओं को हवादार स्थान पर रखें, स्वच्छ पानी व हरा चारा दें और पोल्ट्री शेड सूखे और साफ रखें, ताकि नमी से बीमारी न फैले
