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वाशिंग पाउडर के दाम 15 प्रतिशत तक बढ़े, महंगी हुई कपड़ों की धुलाई

यमुनानगर। ईरान के साथ जारी युद्ध का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी दिखने लगा है। एलपीजी और पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ने के साथ ही कपड़े धोना भी महंगा हो गया है।

बाजार में वाशिंग पाउडर के दामों में करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। स्थानीय बाजार में एक किलोग्राम लोकल ब्रांड वाशिंग पाउडर, जो पहले 53 रुपये में उपल

यमुनानगर। ईरान के साथ जारी युद्ध का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी दिखने लगा है। एलपीजी और पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ने के साथ ही कपड़े धोना भी महंगा हो गया है।

बाजार में वाशिंग पाउडर की कीमतों में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इससे उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। स्थानीय बाजार में एक किलोग्राम लोकल ब्रांड वाशिंग पाउडर, जो पहले 53 रुपये में उपलब्ध था, अब 70 रुपये तक बिक रहा है। नामी कंपनियों के उत्पादों की कीमतों में भी वृद्धि हुई है।

स्थानीय वाशिंग पाउडर उद्योग से जुड़ी कंपनी के प्रवक्ता ने बताया किइन केमिकल्स की कीमतें पहले जहां करीब 125 रुपये प्रति क्विंटल थीं, वहीं अब बढ़कर 250 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई हैं। इस अचानक वृद्धि ने उत्पादन लागत को दोगुना कर दिया है, जिससे कंपनियों के लिए पुराने दामों पर उत्पाद बेचना मुश्किल हो गया है। लागत बढ़ने के कारण उन्हें उत्पादन कम करना पड़ रहा है या फिर मजबूरी में कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। वहीं, बढ़ी हुई कीमतों के चलते दुकानदार भी पहले की तुलना में कम ऑर्डर दे रहे हैं, जिससे सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही कीमतों में कमी आएगी और फिर से पुराने रेट पर ही लोगों को वाशिंग पाउडर बिकने लगेगा। हालांकि उनका यह भी कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में जल्द राहत नहीं मिलती, तो आने वाले समय में डिटर्जेंट सहित अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम और बढ़ सकते हैं।

यमुनानगर के उपभोक्ता गौरव और अनिल ने बताया कि वे आमतौर पर पूरे महीने के लिए तीन से चार किलो वाशिंग पाउडर एक साथ खरीदते हैं। लेकिन इस बार वाशिंग पाउडर के रेट देखकर वे हैरान रह गए।

करीब एक महीने पहले एक किलोग्राम वाशिंग पाउडर 53 रुपये में मिलता था, लेकिन इस बार इसे 70 रुपये में खरीदना पड़ा। दूसरी कंपनियों के दाम और भी अधिक थे। इसके चलते उन्होंने पहले जहां चार किलो पाउडर खरीदते थे, इस बार सिर्फ तीन किलो ही खरीदा।

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