हैदराबाद में भाजपा की माधवी लता के नकाब विवाद के बाद हरियाणा में भारतीय चुनाव आयोग (ECI) अलर्ट हो गया है। आयोग खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ‘पर्दानशीन’ वोटरर्स का वेरिफिकेशन कराएगा। इसके लिए आंगनवाड़ी वर्कर और असिस्टेंट नर्स (दाइयों) की विशेष रूप से नियुक्ति की गई है।
ये ग्रामीण बूथों के लिए नियुक्त की जा रही हैं। जहां हिंदू महिलाओं का ‘घूंघट’ और मुस्लिम महिला का बुर्का पहनना एक आम बात है।
ये इन वोटरों की पहचान उनके चेहरे से मतदाता पहचान पत्र (वोटर ID) का मिलान कर वेरिफिकेशन करेंगे। आयोग के अधिकारियों का इस फैसले का उद्देश्य 25 मई को वोटिंग के दौरान किसी भी फेक वोटिंग को रोकना है।
हैदराबाद से भाजपा की लोकसभा उम्मीदवार माधवी लता एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वह एक मतदान केंद्र पर बुर्का पहने महिलाओं की पहचान और उनके आधार कार्ड की जांच कर रही हैं और उनसे पूछताछ कर रही हैं।
वीडियो सामने आने के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है और जानकारी के मुताबिक उनके ऊपर एक मामला दर्ज भी हो गया है। हैदराबाद लोकसभा में माधवी लता और असदुद्दीन ओवैसी आमने-सामने हैं और आज मतदान हो रहा है।
हैदराबाद के ज़िला कलेक्टर ने जानकारी दी है कि मालकपेट पुलिस स्टेशन में माधवी लता के खिलाफ आईपीसी की धारा 171सी, 186, 505(1)(सी) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 132 के तहत मामला दर्ज किया गया है
बीजेपी उम्मीदवार माधवी लता ने अमृता विद्यालय में मतदान करने के बाद कई मतदान केंद्रों का दौरा किया। वह आजमपुर में एक मतदान केंद्र पर रुकीं, जहां उन्होंने मतदान करने के लिए इंतजार कर रही महिलाओं की आईडी की जांच करना शुरू कर दिया। एक वीडियो में उन्हें बुर्का पहने एक महिला से घूंघट उठाने के लिए कहते देखा जा सकता है, महिला ऐसा करती भी है। इस दौरान माधवी लता ने चुनाव अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि वह आईडी ठीक से चेक कर ही लोगों को वोट देने दें। हैदराबाद कलेक्टर ने कहा है कि माधवी लता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
