रोहतक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विजन जीरो के तहत सड़कों को डिजाइन करके सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जाएगा। इसी उद्देश्य से रोहतक के सिंचाई विश्राम गृह व महावीर पार्क के पास सड़कों पर डिजाइन करके ट्रायल किया। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कहा है कि सड़क सुरक्षा के मामले में विजन जीरो के सिद्धांत को अपनाना होगा। जिला प्रशासन का प्रयास है कि सड़क दुर्घटना में ना तो किसी व्यक्ति की मृत्यु हो और ना ही कोई घायल हो।
इसी उद्देश्य से प्रशासन राहगिरी फाउंडेशन और वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआरआई इंडिया) के सहयोग से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा है। सड़कों के डिजाइन यानी इंजीनियरिंग के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं को शून्य किया जा सकता है। पहले चरण में 10 इंटरसेक्शन (10 चौराहे) सहित 13 किलोमीटर क्षेत्र में ट्रायल किया जा चुका है और डिजाइन तैयार हो चुका है।
दूसरे चरण में शनिवार को सिंचाई विश्राम गृह व महावीर पार्क के पास ट्रायल किया गया। ट्रायल में अस्थाई डिजाइन सड़क पर बनाया जाता है। ट्रायल में छह पार्किंग जोन, दो ड्राप ऑफ जोन और पैदल चलने वालों के लिए एक फुटपाथ जो खासतौर पर आसपास के स्कूलों के बच्चों के लिए सुविधाजनक हो, बनाए गए हैं।
पेंटिंग व लड़ियों से क्षेत्र को बनाया सुंदर इस डिजाइन में रोड के साथ प्रयोग में होने वाली जगह का भी उपयोग किया गया है। इसके साथ ही पेंटिंग व लड़ियों के माध्यम से इस क्षेत्र को सुंदर बनाया गया है। सड़क पर बैठने के लिए 30 सीटें भी वाहनों के टायरों के माध्यम से स्थापित की गई है। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि ट्रायल कसौटी पर खरा उतरता है तो इसे स्थाई रूप देने के लिए परियोजना तैयार करके आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

