दिनांक 26 अक्टूबर 2025 को विश्व हिंदू परिषद, हरियाणा प्रांत कार्यालय: भारत भक्ति आश्रम, नेता जी नगर सर्कुलर रोड रोहतक में कार्तिक मास के पांच उत्सवों की इस पावन बेला में “कार्यकर्ता परिवार मिलन” के अंतर्गत “आनंद सभा” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रोहतक जिले के लगभग 50 कार्यकर्ता परिवारों की प्रमुख रूप से सहभागिता रही। कार्यक्रम में प्रांत संगठन मंत्री श्री राधेश्याम जी, वरिष्ठ क्षेत्रीय समरसता प्रमुख प्रचारक श्री ईश्वरलाल जी, जिला पालक श्री अनुराग कुलश्रेष्ठ जी, जिला संगठन मंत्री श्री कमल शास्त्री जी, जिला अध्यक्ष श्री राजीव मलिक जी, जिला मंत्री श्री केशव जी, जिला सह मंत्री श्री कमल सुनेजा जी सहित संपूर्ण जिला टोली की सक्रिय उपस्थिति रही।
“आनंद सभा” का शुभारंभ परिवारों के छोटे-छोटे बच्चों द्वारा प्रतिभा प्रकटीकरण के सुंदर आयोजन से हुआ, जिसमें बच्चों ने भारत माता और भगवान श्रीराम पर मनमोहक गीत, नृत्य और प्रस्तुतियां दीं। कई कार्यकर्ताओं व परिवारजनों ने ओजस्वी व प्रेरणादायक कविताओं का पाठ किया। इसके बाद प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता रखी गई, जिसमें हिंदू धर्म एवं संस्कृति पर आधारित रोचक प्रश्न पूछे गए। बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अनेक प्रश्नों के सही उत्तर दिए। सही उत्तर देने वालों को तत्काल पुरस्कृत किया गया, जिससे सभी का ज्ञानवर्धन और उत्सवर्धन हुआ।
इसके पश्चात भजन, देशभक्ति गीतों की अंताक्षरी तथा विविध बौद्धिक खेलों ने वातावरण को उल्लासमय बना दिया। मातृशक्ति और कार्यकर्ता परिवारों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। छोटे बच्चों के लिए झूले का भी विशेष प्रबंध किया गया, जिससे वे भी आनंदित हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध गोकर्ण धाम के महामंडलेश्वर स्वामी कपिल पुरी महाराज जी (उपाचार्य, जूना अखाड़ा) रहे। उनका स्वागत जिला मंत्री श्री केशव जी ने माल्यार्पण द्वारा किया तथा जिला अध्यक्ष श्री राजीव मलिक जी और श्री मुकेश खांडेकर जी, ने फटका पहनाकर अभिनंदन किया।
महाराज श्री ने उपस्थित परिवारजनों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि परिवार समाज की सबसे छोटी किंतु सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। उन्होंने परिवारों में प्रेम, एकता और संस्कार की भावना को बनाए रखने का संदेश दिया तथा संगठन के सुंदर कार्यक्रम के आयोजन हेतु सभी कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री मुकेश खांडेकर जी, क्षेत्र संगठन मंत्री, ने अपने प्रबोधन में सनातन हिंदू संस्कृति एवं कुटुंब प्रबोधन विषय पर उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि—
“हमारी भारतीय सनातन संस्कृति में 16 संस्कारों के माध्यम से परिवार, इष्ट-मित्र और संबंधी एकत्र होते हैं। यह हमारी परंपरा का अभिन्न अंग है। उत्सवों का मुख्य उद्देश्य केवल आनंद लेना नहीं, बल्कि परिवार का एकीकरण और यह बोध कराना है कि हम सब हिंदू हैं। हमारा परिवार केवल चार लोगों का नहीं, बल्कि एक विशाल सांस्कृतिक परिवार है, जो पीढ़ियों से सनातन संस्कृति और परंपरा से जुड़ा है।”
उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति में वर्ष के 365 दिन किसी न किसी व्रत, पर्व, उत्सव या धार्मिक यात्रा से जुड़े हैं, यही हमारी संस्कृति का परम वैभव है और यही भारत को विश्व गुरु के रूप में प्रतिष्ठित करता है।
उन्होंने वर्तमान सामाजिक परिदृश्य की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि—
“आज परिवार संकुचित होते जा रहे हैं, पारिवारिक व्यवस्थाएं बिखर रही हैं। हम राम दरबार की पूजा तो करते हैं, परंतु उसके आदर्शों को अपने व्यवहार में नहीं उतारते। परिवारों में बढ़ती भेदभाव, कड़वाहट और संदेह की प्रवृत्तियों को संस्कार और विवेक से दूर कर आदर्श परिवार की ओर लौटना होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि—
“पश्चिमी प्रभाव और कट्टरपंथी षड्यंत्रों से उत्पन्न लिव-इन रिलेशनशिप जैसी मानसिकता और लव जिहाद जैसी सामाजिक चुनौतियां हमारे समाज के लिए गंभीर खतरे बनती जा रही हैं। इनसे निपटने का एकमात्र उपाय है कि हम अपने पारंपरिक संस्कारों और हिंदू संस्कृति की जड़ों को पुनः जानें और परिवारों में प्रेम, संवाद और एकता को मजबूत करें।”
उन्होंने कार्यकर्ताओं और परिवारजनों से आग्रह किया कि प्रतिदिन एक समय ऐसा अवश्य निर्धारित करें जब संपूर्ण परिवार साथ बैठकर भोजन, भजन और आपसी चर्चा करे। उस समय टेलीविजन बंद रखें और मोबाइल फोन अलग स्थान पर (मोबाइल पार्किंग) में रखें, ताकि परिवार को पूर्ण समय और ध्यान मिल सके।
उन्होंने कहा—
“मोबाइल हमारे उपयोग के लिए है, हमारा स्वामी नहीं। जैसे वाहन को हम घर के बाहर पार्क करते हैं, वैसे ही मोबाइल को सीमित समय तक उपयोग कर परिवार को प्राथमिकता देनी चाहिए। ऐसा करने से ही हम अपने हिंदू समाज और परिवार को सशक्त बना सकते हैं और वर्तमान चुनौतियों का सामना दृढ़ता से कर सकते हैं।”
कार्यक्रम का समापन भजन और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। सभी परिवारों ने एकजुट होकर इस आयोजन को सफल बनाया।




