चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी परियोजना में कथित 116 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में आरोपी रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वधवा को विशेष सीबीआई अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें डिफॉल्ट जमानत (Default Bail) प्रदान कर दी है। हालांकि, अन्य मामलों में कानूनी कार्रवाई लंबित होने के कारण उन्हें फिलहाल जेल से रिहाई नहीं मिलेगी।
सीबीआई अदालत ने यह फैसला इसलिए सुनाया क्योंकि जांच एजेंसी गिरफ्तारी के बाद निर्धारित 90 दिनों की कानूनी अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी। भारतीय कानून के तहत यदि जांच एजेंसी तय समय सीमा में चार्जशीट पेश नहीं करती है तो आरोपी को डिफॉल्ट बेल मांगने का अधिकार मिल जाता है।
क्या है पूरा मामला?
चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में विभिन्न विकास कार्यों और आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं चलाई गई थीं। जांच एजेंसियों के अनुसार इन परियोजनाओं से जुड़े कुछ ठेकों और भुगतान प्रक्रियाओं में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं।
आरोप है कि कुछ अधिकारियों और निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कथित मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग और नियमों के उल्लंघन को अंजाम दिया। इसी जांच के दौरान कारोबारी विक्रम वधवा का नाम सामने आया, जिसके बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
जांच एजेंसी का दावा है कि ठेकों के आवंटन और भुगतान प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा।
अदालत ने क्यों दी डिफॉल्ट बेल?
कानूनी प्रावधानों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद गंभीर मामलों में जांच एजेंसी को 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी होती है। यदि ऐसा नहीं होता तो आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का अधिकार प्राप्त हो जाता है।
विक्रम वधवा के वकीलों ने इसी आधार पर अदालत में याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद विशेष सीबीआई अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें डिफॉल्ट बेल दे दी।
अभी भी जेल में रहेंगे वधवा
अदालत से जमानत मिलने के बावजूद विक्रम वधवा को तत्काल रिहाई नहीं मिलेगी। सूत्रों के अनुसार उनके खिलाफ अन्य मामलों में भी जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है। ऐसे में वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।
जांच जारी
सीबीआई और अन्य संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत चार्जशीट अदालत में दाखिल की जाएगी। साथ ही मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
