विजया एकादशी का व्रत बुधवार के दिन है. आज फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि, पूर्वाषाढा नक्षत्र, व्यतीपात योग, बव करण, बुधवार दिन और उत्तर का दिशाशूल है. विजया एकादशी का व्रत और विष्णु पूजा करने से कठिन से कठिन कार्य सफल सिद्ध होते हैं. भगवान श्रीराम ने लंका पर विजय से पूर्व विजया एकादशी का व्रत रखकर विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा की थी. इस दिन भगवान विष्णु के साथ विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की पूजा और व्रत का भी दिन है. जो लोग व्रत रखेंगे, उनको दोनों व्रतों का पुण्य लाभ मिल सकता है. विजया एकादशी का पारण 7 मार्च को दोपहर 01:43 पीएम से 04:00 पीएम के बीच कभी भी किया जा सकता है. पूजा के समय आपको विजया एकादशी की व्रत कथा जरुर पढ़नी चाहिए.
बुधवार के दिन गणेश जी की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं. विघ्नहर्ता गणपति बप्पा के आशीर्वाद से व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आती है और शुभता बढ़ती है. बुधवार की पूजा करते समय आप गणेश जी को कम से कम दूर्वा की 21 गाठें अर्पित करें. मोदक और मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाएं. यदि कुंडली में बुध दोष है तो गणेश जी को मूंग के लड्डू का भोग लगाएं. गणपति कृपा से ग्रह दोष दूर होगा. आप चाहें तो बुध के बीज मंत्र का जाप कर सकते हैं. इसके अलावा किसी गरीब ब्राह्मण को हरे कपड़े, हरे फल, कांसे के बर्तन आदि का दान कर सकते हैं. इससे भी आपको लाभ मिलेगा. आइए पंचांग की मदद से जानते हैं आज का शुभ मुहूर्त, योग, सूर्योदय, चंद्रोदय, अशुभ समय, राहुकाल, दिशाशूल, सूर्यास्त, चंद्रास्त आदि.

