रोहतक, 19 अगस्त 2026।हरियाणा के स्वास्थ्य क्षेत्र में आज एक ऐतिहासिक दिन जुड़ गया। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में ट्रॉमा सेंटर में हरियाणा का पहला नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट – एनईएलएस स्किल सेंटर स्थापित किया गया है।
इस अत्याधुनिक सेंटर का उद्घाटन आज विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. रूप सिंह, निदेशक पीजीआईएमएस डॉ. एस.के. सिंघल और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी एवं फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।
बॉक्सरू
हरियाणा के लिए गर्व का क्षण
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि आज का दिन पीजीआई रोहतक और पूरे हरियाणा के लिए गर्व का दिन है। भारत सरकार द्वारा हरियाणा के पहले एनईएलएस स्किल सेंटर की स्थापना के लिए पीजीआई रोहतक का चयन किया जाना इस बात का प्रमाण है कि हमारा संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। डॉ अग्रवाल ने कहा कि हरियाण के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और स्वास्थ मंत्री सुश्री आरती राव द्वारा संस्थान को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं का परिणाम है कि संस्थान नित नए आयाम स्थापित कर रहा है।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि दुर्घटना, हृदयाघात, स्ट्रोक और अन्य आपात स्थितियों में पहले कुछ मिनटों में दिया गया सही उपचार मरीज का जीवन बचा सकता है। एनईएलएस के माध्यम से अब हमारे डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को एक मानकीकृत और वैज्ञानिक प्रशिक्षण मिलेगा जिससे हरियाणा में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में गुणात्मक सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि इस सेंटर से न केवल पीजीआई के स्वास्थ्य कर्मी, बल्कि पूरे हरियाणा और आसपास के राज्यों के चिकित्सक लाभान्वित होंगे। मेरा विश्वास है कि यह सेंटर प्रदेश को आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा। डॉ अग्रवाल ने बताया कि इस उपलब्धि के साथ पीजीआई रोहतक ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह न केवल उपचार, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और क्षमता निर्माण में भी देश का नेतृत्व करने को तैयार है।
कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा कि एनईएलएस स्किल सेंटर की स्थापना संस्थान की शैक्षणिक और क्षमता निर्माण गतिविधियों में एक नया आयाम जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि यह सेंटर हमारे फैकल्टी और विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण देगा। भविष्य में हम यहां से प्रमाणित ट्रेनर तैयार कर पूरे प्रदेश में एनईएलएस का नेटवर्क खड़ा करेंगे।
निदेशक पीजीआईएमएस डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि एनईएलएस के लिए संस्थान द्वारा एक समर्पित भवन उपलब्ध कराया गया है, जो इस सुविधा को और भी विशिष्ट बनाता है। उन्होंने कहा, कि उच्च गुणवत्ता वाले सिमुलेशन, उपकरण और प्रशिक्षित फैकल्टी के साथ यह सेंटर हरियाणा में इमरजेंसी केयर की संस्कृति को मजबूत करेगा। पीजीआई पहले से ही रेफरल सेंटर है, अब हम इमरजेंसी ट्रेनिंग का हब भी बनेंगे।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने कहा कि अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों के लिए एनईएलएस प्रशिक्षित स्टाफ वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि सेंटर से निकले प्रशिक्षित पेशेवर जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी अपनी सेवाएं देंगे, जिससे ग्रामीण स्तर तक लाभ पहुंचेगा।
एनईएलएस स्किल सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ प्रशांत कुमार ने बताया कि यह भारत सरकार की एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पहल है जिसके तहत देशभर में समर्पित स्किल ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से भारत को अपना खुद का मानकीकृत इमरजेंसी लाइफ स्पोर्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम मिला है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य पेशेवरों की आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की क्षमता बढ़ाना और मरीजों को समय पर, प्रभावी जीवन रक्षक उपचार उपलब्ध कराना है।
बॉक्स: तीन दिन की वर्कशॉप भी आयोजित: स्किल सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ प्रशांत कुमार ने बताया कि संस्थान 20 से 22 अगस्त 2026 तक एनईएलएस ट्रेनर वर्कशॉप का आयोजन भी कर रहा है। इस वर्कशॉप में एनईएलएस कार्यक्रम से प्रशिक्षित फैकल्टी और स्वास्थ्य पेशेवर भाग लेंगे। ये प्रतिभागी राज्य और क्षेत्र के लिए प्रमाणित ट्रेनरों का एक मजबूत पूल तैयार करने में मदद करेंगे।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि इस पहल को साकार करने में संस्थान प्रशासन का मार्गदर्शन और सहयोग सर्वोपरि रहा है। उन्होंने कहा कि समर्पित भवन और अत्याधुनिक संसाधनों के कारण यह सेंटर उच्च गुणवत्ता वाली फोकस्ड स्किल ट्रेनिंग के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करेगा।
समारोह के अंत में डॉ प्रशांत ने सभी फैकल्टी, स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सा समुदाय से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय पहल को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। इस अवसर पर आईएमएच की निदेशक कम सीईओ डाॅ. सुजाता सेठी, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कुंदन मित्तल, निश्चेत विभागाध्यक्ष डाॅ. सुशीला तक्षक, डाॅ. किरणप्रीत, डाॅ. प्रीति, डाॅ. दीपिका, डाॅ. राकेश, जनसंपर्क विभाग के सीनियर प्रोफेसर इंचार्ज डाॅ. मंजूनाथ, डॉ वीरेंद्र,डाॅ. उमेश यादव, डाॅ. विवेक मलिक इत्यादि कई चिकित्सक उपस्थित रहे।
