वंदे भारत एक्सप्रेस वर्तमान में भारत की सबसे तेज Train है और वर्तमान में केवल दो मार्गों पर चल रही है। रेल मंत्रालय इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। अभी कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि रेलवे अपनी तीसरी ट्रेन लाने वाला है, जिसकी टेस्टिंग शुरू हो चुकी थी। पर अब रेलवे ने ट्रायल पूरा कर लिया है और इसके लिए नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को चंडीगढ़ लाया गया है। भारतीय Railway की अत्यधिक महत्वाकांक्षी और बहुप्रतीक्षित वंदे भारत Rail के सफल परीक्षण के बाद अगले अक्टूबर से ट्रेनों के निर्माण में तेजी आएगी।रेलवे की इस पहल से यात्रियों की यात्रा सुविधाजनक होगी।
वंदे भारत ट्रेनों के तीसरे चरण की अधिकतम गति 200 किमी प्रति घंटे रखने की तैयारी है। इस बात की जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी है। वहीं, परीक्षण के दौरान इसे 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया गया है।प्रधानमंत्री Narender Modi ने पिछले साल कहा था कि 15 अगस्त 2023 तक देश में 75 वंदे भारत ट्रेनें चलाने की योजना है। सरकार और रेल मंत्रालय इस पर काम कर रहे हैं. उन्होंने रेलवे के वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की तारीफ करते हुए कहा कि उत्पादन बहुत तेजी से बढ़ाया जाएगा।
रेल मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया है कि ट्रेन में कवच सिस्टम लगा दिया गया है। ट्रेन की गति को बनाए रखने के लिए कोचों का वजन कम किया गया है। रेल मंत्री ने यह भी जानकारी दी है कि नई वंदे भारत ट्रेन का वजन 38 टन होगा। इसे पहले ही कम किया जा चुका है। इससे इसकी रफ्तार और बढ़ेगी। उनका कहना है कि ज्यादातर 75 ट्रेनों को चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में बनाया जाएगा। अश्विनी वैष्णव ने भी इस दौरान रेलवे के लिए काम करने वाले वैज्ञानिकों की तारीफ की है और कहा है कि उनका उत्पादन तेजी से बढ़ाया जाएगा।
कोच का वजन 430 टन से घटाकर 392 टन कर दिया गया है. यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। एक सुझाव के जवाब में उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2023 को कुल 75 वंदे Indian ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसके बाद कुल 400 ट्रेनों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें स्लीपर कोच भी होंगे। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ट्रेनों की अधिकतम गति को बनाए रखने के लिए ट्रैक सुधार पर विशेष जोर दिया जाएगा।
रेल मंत्री वैष्णव का दावा है कि भारतीय रेलवे अपनी जरूरत के हिसाब से खुद के डिजाइन पर तैयार की गई बोगियों का निर्यात भी करेगी। इसके लिए इसकी Capacity का भी विस्तार किया जाएगा। वंदे भारत कोच में लगे Air Conditioner में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें एंटी Virus सिस्टम लगा है। यात्रियों की सुविधा के अनुसार सीट को Adjust किया जा सकता है। ट्रैक भले ही दो फीट तक पानी से भरा हो, लेकिन ट्रेन चलाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। इस दौरान रेल कोच का संतुलन बेहतरीन पाया गया। इतनी तेजी से एक गिलास पानी भी नहीं गिरा।

