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रोहतक में वैश्य एजुकेशन सोसायटीप्रधान नवीन जैन को हटाया, आजीवन सदस्यता हुई रद्द, वित्तीय दुरुपयोग करने के लगे थे आरोप

रोहतक वैश्य एजुकेशन सोसायटी के विवाद पर कार्यवाहक जिला रजिस्टर आशीष की अदालत ने फैसला सुनाया। इसमें प्रधान नवीन जैन को पद से हटाने और उनकी आजीवन सदस्यता रद्द कर दी गई। बता दें कि कोषाध्यक्ष चंद्र गर्ग ने सोसायटी के सदस्य पद से हटाने, आजीवन सदस्यता रद्द और सेक्रेटरी राजेंद्र बंसल ने नवीन जैन और संयुक्त सचिव श्याम लाल गर्ग की सदस्यता समाप्त करने के संबंध में याचिका दायर की थी।

उन्होंने आरोप लगाया था कि नवीन जैन ने कोषाध्यक्ष के रूप में अपने हस्ताक्षर करके और कोषाध्यक्ष के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति के हस्ताक्षर करवाकर कथित तौर पर फर्जीवाड़ा किया है। इस तरह से संस्था के वित्तीय दुरुपयोग किया। इसको लेकर उनकी आजीवन सदस्यता को रद्द किया है। कोषाध्यक्ष चंद्र गर्ग ने कहा कि अध्यक्ष नवीन जैन ने जानबूझकर और स्वेच्छा से कोषाध्यक्ष के रूप में अपने स्वयं के हस्ताक्षर और महासचिव के रूप में किसी अन्य व्यक्ति के हस्ताक्षरों का समर्थन करके दस्तावेजों में गलत प्रविष्टियां की और करवाई हैं। इसको लेकर याचिका दायर की गई थी। हमें न्याय भी मिला है। अब उन्हें प्रधान पद से हटाने के साथ ही आजीवन सदस्यता को रद्द कर दिया है। इधर- नवीन जैन ने कहा कि मैं कभी भी दो पदों पर नहीं रहा हूं। फैसला मेरे खिलाफ आया है। इसमें कानूनी सलाह ली जा रही है। इसके बाद आगे कुछ कार्रवाई की जाएगी। सोसायटी के सेक्रेटरी राजेंद्र बंसल ने कहा कि नवीन जैन को सोसायटी का अध्यक्ष चुना गया था।

शुरुआती कुछ महीनों में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था, लेकिन बाद में उन्होंने संस्था के वित्तीय दुरुपयोग किया। इसको लेकर जनवरी में गर्वनिंग बॉडी की बैठक में भी प्रधान और सेक्रेटरी के बीच रिकॉर्डिंग को लेकर हंगामा हुआ था। सेक्रेटरी राजेंद्र बंसल और कोषाध्यक्ष चंद्र गर्ग ने इस मामले की शिकायत जिला रजिस्ट्रार से की थी। इसमें उन्होंने प्रधान पर वित्तीय शक्तियों के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए थे।

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