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भारत में कोरोना वायरस की डेल्टा वेव; वैक्सीन जान बचा सकती है, पर इन्फेक्शन से नहीं – स्टडी से हुआ खुलासा

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी ICMR की नई स्टडी ने कुछ नए तथ्य सामने रखे हैं। रिपोर्ट का दावा है कि वैक्सीन के दोनों डोज लगने के बाद भी इन्फेक्शन हो रहा है। इसकी वजह कोविड-19 का डेल्टा वैरिएंट है। यानी वैक्सीन के दोनों डोज लगने के बाद भी खतरा टला नहीं है।

यह स्टडी बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर, दूसरी लहर के कमजोर पड़ते ही राज्यों में अनलॉक होने लगा है। जनजीवन सामान्य होने लगा है, लेकिन अब हिल स्टेशनों से जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर दिख रहे हैं। वह भी बिना मास्क के। सोशल डिस्टेंसिंग भी भुला दी गई है। लिहाजा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को सक्रिय होना पड़ा। उन्होंने लोगों को हिदायत दी है कि कोरोना की लहर कमजोर हुई है, खत्म नहीं हुई। अगर सावधानी नहीं बरती गई तो तीसरी लहर जल्द ही आ जाएगी और हालात बद से बदतर होते चले जाएंगे।

ICMR की स्टडी से यह साबित हुआ है कि वैक्सीन सिर्फ जान बचाएगी, हॉस्पिटल में एडमिट होने से बचाएगी, पर इन्फेक्शन से नहीं। वायरस से संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। इस विषय पर हमने मुंबई के डॉ. भरेश देढ़िया (हेड क्रिटिकल केयर, पीडी हिंदुजा हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर, खार फेसिलिटी) और डॉ. सुनील जैन (हेड, डिपार्टमेंट ऑफ इमरजेंसी मेडिसिन, जसलोक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर) से जाना कि वैक्सीनेशन के बाद भी सावधानी बरतनी क्यों जरूरी है?

सबसे पहले बात करते हैं, ICMR की स्टडी की

क्या डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ वैक्सीन कारगर नहीं है?

तो क्या वैक्सीन लगने के बाद भी घर में बैठना है?

आप किस तरह की गतिविधियों में भाग ले सकते हैं?

तीसरी लहर से बचने के लिए क्या करना जरूरी है?

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