रोहतक में सेक्टर-चार स्थित हरकी देवी कॉलोनी में सोमवार को लोग तब भड़क उठे जब अमरूत योजना के तहत सीवर का काम कर रहे निगम कर्मी कॉलोनी का मुख्य रास्ता बंद करने लगे। लोगों ने कर्मियों से ऐसा करने से मना करने के बावजूद जब टीम का नेतृत्व कर रहे मजिस्ट्रेट नहीं माने तो लोगों ने हंगामा कर दिया। मौके पर पुलिस को बुलाया गया लेकिन लोग उनकी कॉलोनी में आग लग जाए या भूकंप आ जाए तो रास्ता न होने पर यहां राहत वाहन कैसे आएंगे जैसी बातों का हवाला देते हुए वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने के बाद ही मुख्य रास्ते को बंद करने की शर्त पर अड़े रहे। अंत में टीम को बिना काम किए ही लौटना पड़ा।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि मौके पर आए मजिस्ट्रेट ने उनकी परेशानी समझी जरूर, लेकिन कह दिया कि मजबूरी है, ऑर्डर हैं। वहीं कॉलोनीवासियों ने काम रोकने के लिए जब जनप्रतिनिधियों व उच्चाधिकारियों को फोन किए तो किसी ने फोन नहीं उठाया। रमेश का कहना कि कॉलोनी को दूसरा रास्ता मिलने पर ही पहले रास्ते को बंद किया जाना चाहिए।
कॉलोनी निवासी रमेश कुमार ने बताया कि उनकी कॉलोनी सेक्टर-चार की अन्य कॉलोनियों से घिरी हुई है। इससे बाहर जाने के लिए एक ही मुख्य मार्ग है। 11 फीट चौड़े इस मार्ग को अतिक्रमण कर-करके आठ फीट का कर दिया गया। अब अमरूत योजना में सीवर निर्माण व अन्य कॉलोनियों के लोगों के हस्तक्षेप के कारण प्रशासन इसे बंद करने पर तुला हुआ है।
वहीं हम कॉलोनी वासियों का कहना है कि वैकल्पिक रास्ता दिया जाए और तब रास्ता बेशक चाहे बंद कर लें। सोमवार को निगम की टीम रास्ते को बंद करने आई। उनसे अपील की वह नहीं माने तो लोगों ने विरोध किया। रास्ते को बंद न करने के लिए एक साल से मांग की जा रही है।

