हिसार के सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखे महिला के शव को चूहों ने कुतरने के मामले में रविवार को महिला के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। हांसी की तोशाम चुंगी पर एम्बुलेंस खड़ी कर परिवार ने रोड जाम कर दिया। इस दौरान किन्नर समाज के लोग भी प्रदर्शन में शामिल हो गए।
प्रदर्शनकारियों ने ईंट मारकर दो वाहनों के शीशे तोड़ दिए। इसे लेकर वाहन चालक और प्रदर्शनकारियों में टकराव भी हो गया। घटना की सूचना मिलते ही DSP विनोद शंकर, शहर थाना प्रभारी सुखजीत सिंह सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
आधे घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम खुलवाया। इस दौरान पुलिस ने हंगामा करने वाले कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया।
दरअसल, हांसी के सरकारी अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई थी। गंभीर हालत में उसे हिसार रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया। आरोप है कि वहां महिला के माथे की खाल को चूहों ने कुतर दिया।
जिला नागरिक अस्पताल के डेड हाउस में रखे एक महिला के शव को चूहों ने कुतर दिया। महिला के परिजन रविवार सुबह शव को संभालने पहुंचें तो उन्हें इस बारे में पता चला। यह देखकर महिला के परिजनों ने काफी हंगामा किया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। हांसी की रहने वाली रूबी ने बताया कि उसकी देवरानी कोमल गर्भवती थी। डिलीवरी के लिए उसे 5 जून को हांसी के सिविल अस्पताल में लेकर आए थे। उसमें खून कम था तो चिकित्सकों ने उसे खून चढ़ाया। लेबर पेन ना होने पर शनिवार रात 9:00 बजे कोमल की सिजेरियन डिलीवरी कर दी गई। कोमल को एक लड़की पैदा हुई। डिलीवरी के कुछ देर बाद ही उसे ब्लीडिंग शुरू हो गई जिससे उसकी तबीयत बगड़ गई। यह देखकर चिकित्सकों ने उसे हिसार रेफर कर दिया। वह कोमल को एंबुलेंस में लेकर हिसार चल पड़े लेकिन कैंट के पास ही उसने दम तोड़ दिया। इस पर उन्होंने कमल का शव यहां पोस्टमार्टम के लिए डेट हाउस में रखवा दिया। आज सुबह 6:00 वे शव को संभालने पहुंचे तो देखा कि उसके माथे और हाथ को चूहों ने कुतरा हुआ था। मौके पर भी चूहा घूम रहे थे।
