आज रोहतक नगर निगम की बैठक में हुआ जोरदार हंगामा, जिसमें मुख्य रूप से पार्षदों ने पीने के पानी व सीवरेज के मुद्दे को उठाया। इन मुद्दों को लेकर अधिकारियों व पार्षदों के बीच चल रहा विवाद भी साफ दिखाई दिया।

पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों द्वारा काम न करने और ठीक से बात न करने पर पार्षद डिम्पल जैन ने मेयर को अपना इस्तीफा पेश किया। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारियों की कोई कार्रवाई न हो तो इस्तीफा मंजूर किया जाए। फिलहाल तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। वहीं वार्ड नंबर 6 के पार्षद सुरेश किराड़ ने पानी व सीवरेज की सब कमेटी के पद से भी अधिकारियों द्वारा काम नहीं करने के कारण इस्तीफा दिया। मंगलवार को नगर निगम रोहतक की हाउस बैठक हुई, जिसमें पार्षदों द्वारा कुल 240 मुद्दे रखे गए थे।

 बैठक के दौरान मेयर को अपना इस्तीफा सौंपते हुए पार्षद

बैठक शुरू होने के साथ ही पानी व सीवरेज का मुद्दा उठाया गया। पार्षदों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी काम नहीं करते। अगर अधिकारी ठीक से काम करते तो कुछ दिन पहले बारिश के बाद शहर में बाढ़ जैसे हालात नहीं होते। बैठक में मौजूद अधिकारी भी पार्षदों के सवालों पर जवाब देने से बचते नजर आए। पार्षदों ने रोष जताया और कहा कि जब तक अधिकारी ठीक से काम नहीं करेंगे, ऐसे ही हालात होंगे।

अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पार्षदों ने संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। वहीं कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने से असंतुष्ट पार्षदों ने इसका विरोध भी जताया, जिसके कारण अगले सप्ताह फिर से बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया। इसमें आला अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि संबंधित अधिकारियों पर बैठक में ही कार्रवाई की जा सके।

हाउस मीटिंग में बारिश के कारण हुए जलभराव से नुकसान की भरपाई करने के लिए मुआवजे का मुद्दा पास किया गया। अब पार्षदों और मेयर के द्वारा एजेंडा पास करके चंडीगढ़ मुख्यालय भेजा जाएगा, ताकि बारिश के कारण जिन घरों व दुकानों में जलभराव हो गया था, वहां का सर्वे करवाकर मुआवजा दिया जाए। इस पर पार्षदों ने भी अपनी सहमति जताई। मुआवजे का मद्दा कांग्रेस भी उठा चुकी है।

वार्ड नंबर 16 की पार्षद डिम्पल जैन ने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ चुनकर भेजा था, अधिकारियों द्वारा काम नहीं करने के कारण जनता के विश्वास पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। पब्लिक हेल्थ के अधिकारियों की गलतियों का खामियाजा कब तक भुगतेंगे। बारिश के कारण आर्य नगर में सीवर का पानी बैक आ रहा था, जिसकी वार्ड निवासी शिकायत कर रहे थे। इसलिए पब्लिक हेल्थ के एसडीओ को फोन किया तो उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, जिस कारण पद से इस्तीफा दिया है।

वार्ड नंबर 6 के पार्षद एवं पानी सीवरेज की सब कमेटी के पदाधिकारी सुरेश किराड़ ने कहा कि शहर में सीवरेज व पानी की व्यवस्था बनाने के लिए कमेटी गठित की थी। लोगों को काफी समस्याएं आ रही हैं। इन समस्याओं का हल करवाने के लिए अधिकारियों को भी कहा गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसलिए उन्होंने पानी व सीवोज की सब कमेटी से इस्तीफा दिया है।

विधायक भारत भूषण बत्रा ने कहा कि बारिश के कारण शहर में जलभराव हो गया था, जिसके कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। लोगों को काफी नुकसान हुआ, जिसका सरकार जल्द से जल्द मुआवजा भी देगी। सरकार का अधिकारियों पर नियंत्रण नहीं है, जिसके कारण सिस्टम फेल हो गया। महाबीर कॉलोनी के जोहड़ बंद करने के भाजपाइयों के बयान पर कहा कि कांग्रेस ने उसे कभी बंद नहीं किया था। वहीं भापजा के पूर्व मंत्री द्वारा कांग्रेसियों को वोट की राजनीति करने के लिए पानी में उतरने के बयान पर कहा कि वे बड़े आदमी हैं, बाकि उनके बयान पर कुछ भी बोलने से बचे।

हाउस की बैठक में सरकारी भवनों को शहर से बाहरी एरिया में शिफ्ट करने का मुद्दा उठाया गया, जिसका कांग्रेसी पार्षदों ने विरोध किया और कहा कि सभी भवन लोगों की सुविधा को देखते हुए शहर के अंदर ही रखे जाएं। वहीं भाजपा के पार्षदों ने इसका विरोध किया और कहा कि भवन बाहरी एरिया में शिफ्ट होने चाहिएं।

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