हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही जारी है। शून्यकाल की शुरुआत में कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा ने ‘गुंडागर्दी’ शब्द और विधानसभा गेट पर हुए मिसबिहेव का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खड़े होकर कहा कि “कोहनियां मारकर पुलिसवालों की कमर तोड़ दी गई।” इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जवाब दिया, “अगर मैंने ऐसा किया है तो मेरे खिलाफ FIR करवा दीजिए।” इसके बाद मंत्री अनिल विज ने कहा, “जिस पुलिसकर्मी को कोहनी मारी गई, उसके साथ इंसाफ कैसे होगा?” इस पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पलटवार करते हुए कहा, “मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाओ। तेरे कहने से एफआईआर दर्ज नहीं होती तो इस्तीफा देकर जाओ।”
इसके बाद स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कहा कि ‘गुंडागर्दी’ शब्द को कार्यवाही से हटा दिया गया है और उसकी जगह ‘उत्पात’ शब्द दर्ज किया गया है।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला ने प्राइवेट कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने पर सवाल उठाए। जवाब देते हुए मंत्री अनिल विज ने कहा, “सज्जन सिंह के अनुयायी सुन लीजिए।” इस पर कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने विधायकों को चेतावनी देते हुए कहा कि “नेम करने के लिए मजबूर मत कीजिए।”
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि विज की कोई नहीं मानता, मुख्यमंत्री इस पर जवाब दें। इस पर विज ने पलटवार करते हुए कहा, “आप पहले शांत रहते थे, अब आपके अंदर ज्वाला भड़क रही है। मैं तो बता ही रहा हूं कि हम कंपनी को लाइसेंस देने का विरोध कर रहे हैं।”
प्रश्नकाल में गुहला-चीका से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस ने कहा कि 2017 की मुख्यमंत्री घोषणा के बावजूद स्टेडियम का काम अब तक पूरा नहीं हुआ और उनका क्षेत्र नशे से ग्रस्त है, इसलिए खेल सुविधाएं जरूरी हैं।
इस पर मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि किसानों-जवानों के प्रदेश अब खिलाड़ियों का प्रदेश कहा जाने लगा है। उसके बाद कांग्रेसियों ने झूठ-झूठ के नारे लगाए तो दोनों तरफ से हंगामा हो गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपुल गोयल का बचाव करते हुए कहा कि वह सही जवाब दे रहे थे और पिछले 12 साल में सरकार के खेलों पर ध्यान देने का परिणाम सामने है।
प्रश्नकाल शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मिसबिहेव के मुद्दे पर फिर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “आज भी हमारे साथ वही हुआ है। हमें आज भी रोका गया। किसके आदेश से रोका जा रहा है? अभी तक ‘गुंडागर्दी’ शब्द का जवाब नहीं मिला है। सीएम ने माफी भी नहीं मांगी है। जुबान फिसल जाती है, माफी मांग लें।”
सीएम नायब सैनी ने जवाब दिया कि विधायकों को रिकॉर्डिंग दिखाई गई थी। इस पर स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कहा कि प्रश्नकाल के बाद इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
इससे पहले चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। इसके बाद कांग्रेस विधायक राज्यपाल प्रो. असीम घोष से मिले और सत्र के पहले दिन हुए मिसबिहेव के विरोध में ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल से मुलाकात के बाद हुड्डा ने कहा कि गवर्नर ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने हाईकोर्ट चौक से विधानसभा तक रोष मार्च निकाला। इस दौरान विधानसभा गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों और कुछ कांग्रेस विधायकों के बीच गहमागहमी भी हुई।
