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यूपी: छात्र की मौत के मामले दहला गाँव

उत्तर प्रदेश (UP) के बागपत जनपद के रंछाड़ गांव में युवक की मौत के बाद ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा है। करीब 13 घंटे बाद गांव में बवाल खत्म हुआ है। इस मामले में मंगलवार सुबह करीब सात बजे 10 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर और पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर ग्रामीणों ने शव उठने दिया। ग्रामीण डीएम और आईजी को मौके पर बुलाने और पूरा थाना सस्पेंड कराने की मांग कर रहे थे। अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने जमकर बवाल किया। वहीं तनाव को देखते हुए सीओ अनुज मिश्र ने रमाला, दोघट, छपरौली, बिनौली, बड़ौत सहित अन्य कई थानों की पुलिस मौके पर बुला ली।

रंछाड़ के प्राइमरी विद्यालय में लगे वैक्सीनेशन कैंप में सोमवार को अक्षय अपनी मां मधु को टीका लगवाने पहुंचा था। कैंप पर सलीम नाम के सिपाही की ड्यूटी लगी थी। ग्रामीणों का कहना है कि वह मां मधु (62 वर्ष) की उम्र का हवाला देते हुए पहले टीका लगवाने के लिए कह रहा था। आरोप है कि सलीम ने अभद्रता की और लाइन में लगने को कहा। अभद्रता का विरोध करने पर दोनों में कहासुनी हो गई। सलीम ने अक्षय को थप्पड़ जड़ दिया। जिस पर दोनों के बीच हाथापाई हो गई। इसके बाद अक्षय बिना टीका लगवाए अपनी मां को घर ले आया। सिपाही सलीम ने बिनौली थाने पर फोन कर दिया। इसके बाद बिनौली और दोघट थाना पुलिस गांव में पहुंच गई। आरोप है कि पुलिस ने अक्षय के घर में तोड़फोड़ की और उसकी मां मधु, ताई कमलेश व धर्मवीर आदि को हिरासत में ले लिया और थाने ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई से आहत अक्षय शाम को नलकूप की ओर चला गया, बाद में उसका शव फंदे पर लटका मिला। रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी और अन्य कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। देर रात तक ग्रामीण पुलिस अधिकारियों को मौके पर बुलाने और पूरा थाना निलंबित कराने की मांग पर अड़े रहे।

अक्षय की मौत और हंगामे के बाद पुलिस ने उसकी मां, ताई और हिरासत में लिए अन्य युवक को छोड़ दिया। मां मधु का रोते हुए बुरा हाल हो रहा था। परिवार की महिलाओं ने उसका ढांढस बंधाया और इस दुख घड़ी से निकलने के लिए उसकी हिम्मत बंधाई। उधर, ग्रामीणों में भी जबरदस्त गुस्सा है।

मृतक अक्षय पढ़ाई में बहुत होनदार था, वह नगर के एक डिग्री कॉलेज में बीए द्वितीय का छात्र था। अक्षय का छोटा भाई विक्रांत है। अक्षय पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। विडंबना देखिए कि पुलिस के रवैये से आहत होकर उसने अपनी जान दे दी। अक्षय पढ़ाई में होशियार था, वह पुलिस भर्ती की तैयारी जरूर कर रहा था लेकिन, उसके पिता रामनिवास उसे पढ़ा-लिखाकर बड़ा अफसर बनाना चाहते थे। 

ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने दबिश के दौरान मृतक युवक के घर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। युवक के घर पर खड़े ट्रैक्टर व गाड़ी को तोड़ डाला। महिलाओं ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने उनसे अभद्रता कर दी और फिर उन्हें हिरासत में ले लिया। जिससे आहत होकर युवक अक्षय ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

रालोद जिलाध्यक्ष जगपाल तेवतिया ने इस घटना पर रोष जाहिर करते हुए कहा कि पुलिस वर्तमान सरकार में बेलगाम हो गई है। इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। साथ ही पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए।

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