सोनीपत के खरखौदा के गांव हलालपुर स्थित फैक्टरी में सेप्टिक टैंक की सफाई करने के दौरान गिरे पाइप को निकालने के प्रयास में उसके अंदर गए दो मजदूरों की हालत बिगड़ गई। उन्हें गंभीर हालत में खरखौदा के सरकारी अस्पताल में लाया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। जहां पर दोनों की इलाज के दौरान मौत हो गई। सैदपुर चौकी पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नेपाल के जिला बांके के गांव खड़ेचा निवासी धर्मेंद्र व उनका पड़ोसी श्रवण मजदूरी करने आए थे। वह खरखौदा क्षेत्र निवासी एक ग्रामीण के साथ सेप्टिक टैंक की सफाई का काम करने लगे। धर्मेंद्र यहां पास पहले से ही काम करता था वहीं श्रवण करीब डेढ़ माह पहले ही काम करने के लिए आया था। दोनों बुधवार को हलालपुर में ही स्थित एक प्लाइवुड फैक्टरी के सेप्टिक टैंक की सफाई करने के लिए पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि टैंकर को भरकर ट्रैक्टर चालक उसे खाली करने के लिए चला गया। इस दौरान मौके पर धर्मेंद्र व श्रवण थे। इसी दौरान कोई पाइप टैंक में गिर गया जिसे निकालने के लिए वह एक के बाद एक दोनों अंदर गए और गैस के प्रभाव में आकर बेसुध हो गए। ट्रैक्टर चालक जब टैंकर को खाली कर लौटा तो उसने दोनों को टैंक में पड़ा हुआ पाया जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया।
गंभीर हालत में धर्मेंद्र व श्रवण को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया जहां दोनों ने ही दम तोड़ दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतकों के परिजनों को नेपाल में सूचना दी गई है। उनके आने पर ही पुलिस शवों का पोस्टमार्टम करवाएगी और उनकी शिकायत के आधार पर ही कार्रवाई करेगी।
सैदपुर के चौकी प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान कोई पाइप गिरने से उसे निकालने के प्रयास में दो मजदूर टैंक में उतर गए। जहां किसी गैस के संपर्क में उनकी हालत बिगड़ गई जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि सही कारणों का पता पोस्टमार्टम के बाद लग सकेगा। परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है ।
