हरियाणा में 2 सप्ताह बाद जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का किराया तय हो गया है। जींद जंक्शन से दो स्टेशनों का सफर जहां मात्र 5 रुपए में होगा, वहीं इसका सोनीपत तक का एकतरफा किराया 25 रुपए तय हुआ है। अभी जहां ट्रेन से सोनीपत जाने में 2 घंटे से ज्यादा समय लगता है, वहीं हाइड्रोजन ट्रेन मात्र एक घंटे में ही ये सफर तय करेगी। ट्रेन का ठहराव भी केवल 6 स्टेशनों पर ही होगा। रेलवे इसके संचालन की तैयारी में लगा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन 26 जनवरी से पहले करने की तैयारी है। रेलवे फिलहाल 20 व 21 जनवरी को इस ट्रेन को चलाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि इसके संचालन की फाइनल डेट अभी तय होनी है। हाइड्रोजन ट्रेन कई मायनों में इस रूट पर चलने वाली दूसरी ट्रेनों से अलग है। यात्रियों में भी इसमें सफर को लेकर उत्साह है
भारत की यह ट्रेन ‘मेक इन इंडिया’ का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में तैयार किया गया है।
- क्षमता: 10 कोच वाली यह ट्रेन एक साथ 2500 यात्रियों को ले जा सकती है।
- शक्ति: यह 2400 किलोवाट (1200 हॉर्स पावर की दो पावर कार) क्षमता वाली दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है।
- रफ़्तार: इसकी अधिकतम गति 140 किमी प्रति घंटा है।
- ईंधन दक्षता: 360 किलो हाइड्रोजन में यह 180 किमी का सफर तय करेगी। जहाँ डीजल ट्रेन 1 किमी के लिए 4.5 लीटर ईंधन लेती है, वहीं यह मात्र 2 किलो हाइड्रोजन में उतनी ही दूरी तय करेगी।

यह ट्रेन पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है क्योंकि यह हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर चलती है। इससे कार्बन उत्सर्जन शून्य होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। भारत अब जर्मनी, जापान और स्वीडन जैसे चुनिंदा देशों की कतार में शामिल होकर हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला दुनिया का 8वां देश बन गया है।
जींद रेलवे स्टेशन पर अधीक्षक (व्यवसायिक) धीरज बुटानी ने कहा कि अभी तक हाइड्रोजन ट्रेन का बीट चार्ट नहीं आया है, लेकिन टिकट दरें डीएमयू के समान ही रहेंगी। यह ट्रेन छह स्टेशनों पर रुकेगी। अब तक सफर दो घंटे का है, यह ट्रेन एक घंटे में ही यात्रियों को सोनीपत पहुंचाएगी।
ट्रेन में दो डीपीसी (ड्राइवर पावर कार) और आठ यात्री बोगियां हैं। जल्द ही जींद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का लोड चेक के लिए फाइनल ट्रायल होगा। उसके बाद रेलवे आरडीएसओ (रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन) और ग्रीन एच कंपनी के अधिकारी रिपोर्ट बनाएंगे। इस रिपोर्ट पर पीएमओ से मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा।
सभी बोगी मेट्रो की स्टाइल में एसी होंगी। सभी गेट बंद होने के बाद ही ट्रेन चल सकेगी। इसमें सुरक्षा को लेकर कई तरह के इंतजाम किए गए हैं।
