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लॉरेंस गैंग के नाम फिरौती नहीं देने पर ट्रक यूनियन में जानलेवा हमला करने में शामिल दो और आरोपी गिरफ्तार; मूसेवाला हत्याकांड मामले में जेल में बंद मोनू डागर ने भेजे थे गुर्गे

रोहतक में लॉरेंस गैंग के गुर्गे मोनू डागर द्वारा ट्रक यूनियन के प्रधान को फोन पर धमकी देकर ट्रांसपोर्ट में हिस्सा मांगने व फायरिंग करवाने के मामले में पुलिस ने 2 और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं पहले गिरफ्तार आरोपी अंकित को अदालत में पेश करके 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। SP उदय सिंह मीना ने उप पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया है।

ट्रांसपोर्ट ऑफिस में फायरिंग मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो आरोपी

एसआईटी में सीआईए-2 स्टाफ प्रभारी निरीक्षक नवीन जाखड़, सीआईए-1 स्टाफ प्रभारी SI अनेश कुमार, साइबर सैल प्रभारी ASI अमित कुमार व ASI विनोद दलाल को शामिल किया गया। SIT ने छापेमारी करते हुए वारदात में शामिल आरोपी गांव सांघी निवासी सचिन उर्फ तेज व परविंद्र उर्फ काला को हिसार बाईपास रोहतक से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले कुछ समय से संजय कॉलोनी रोहतक में किराए पर कमरा लेकर रह रहे थे।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।

रोहतक में लॉरेंस गैंग के गुर्गे मोनू डागर ने ट्रक यूनियन के प्रधान को फोन पर धमकी दी और ट्रांसपोर्ट में हिस्सा मांगा। जब प्रधान ने हिस्सा देने से मना कर दिया तो सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में जेल में बद मोनू डागर ने युवकों को भेजकर फायरिंग करवा दी। जिसमें यूनियन के मुंशी सहित दो लोगों को गोली लग गई।

यह पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। जिसमें 4 बदमाश दो मोटरसाइकिलों पर आते हुए दिखाई दे रहे हैं। जिन्होंने बेखौफ होकर इस वारदात को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश खुद को मोनू डागर के गुर्गे बताते हुए धमकी देकर वहां से फरार हो गए।

शिकायत में बताया कि वह भाईचारा ट्रक यूनियन का प्रधान है। 31 दिसंबर को उसके पास एक फोन आया। फोन पर सामने वाले ने खुद को मोनू डागर बताया। साथ ही कहा कि वह लॉरेंस गैंग से है। उसने कहा कि तुम जो ट्रांसपोर्ट का काम करते हो, उसमें हिस्सा कर ले, नहीं तो अच्छा नहीं होगा।

जितेंद्र ने कहा कि फोन पर उसने हिस्सा देने से मना कर दिया। जिस पर सामने वाले ने धमकी देते हुए कहा कि जो भी नुकसान होगा उसका स्वयं जिम्मेदार होगा। साथ ही जान से माने की धमकी भी दी और कहा कि दो-तीन दिन में इसका अंजाम देख लेना। इसके बाद 17 जनवरी को फिर से फोन आया और कहा कि बता हिस्सा देना है या नहीं। जिस पर जितेंद्र ने कहा कि उसके पास कोई काम नहीं है और मना कर दिया।

इसके बाद 2 फरवरी को चार बदमाश पिस्तौल लेकर आए। जिन्होंने वहां बैठे ड्राइवरों से कहा कि तुम्हारा प्रधान कहां पर है, उन्होंने कहा अंदर ऑफिस में बैठा होगा। यह सुनकर बदमाश यूनियन ऑफिस की तरफ गोलियां चलाते हुए आए। वहां बैठे पाक्समा निवासी यूनियन के मुंशी सुरेश राणा को तीन गोलियां मारी।

वहीं दूसरे व्यक्ति गांव बलियाणा निवासी रामनिवास उर्फ रणवास को भी गोली लगी। फायरिंग के बाद बदमाशों ने खुद को मोनू डागर के गुर्गे बताया। आरोपी युवक धमकाते हुए वापस दो मोटरसाइकिलों पर बैठकर IMT चौक की तरफ फरार हो गए। साथ ही धमकी दी कि इस बार तो बच गया, लेकिन अगली बार देख लेंगे।

पुलिस अधीक्षक श्री उदय सिंह मीना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उप पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन किया गया है। एसआईटी में सीआईए-2 स्टाफ़ प्रभारी निरीक्षक नवीन जाखड़, सीआईए-1 स्टाफ प्रभारी उप.नि अनेश कुमार, साइबर सैल प्रभारी स.उप.नि अमित कुमार व स.उप.नि. विनोद दलाल को शामिल किया गया।

निरीक्षक नवीन जाखड़ के नेतृत्व में अलग-2 टीमो का गठन किया गया जिसमें उप.नि. मनोज कुमार, स.उप.नि. विनोद दलाल, स.उप.नि. राजेन्द्र, स.उप.नि. संत कुमार, स.उप.नि. बिरेन्द्र, स.उप.नि. दिनेश, एचसी संजय, एचसी जसबीर, एचसी रणजीत, सि. अनिल व सि. जितेंद्र को शामिल किया गया।

एसआईटी टीम ने छापेमारी करते हुए वारदात मे शामिल रहे आरोपी सचिन उर्फ तेज पुत्र तेजपाल व परविंद्र उर्फ काला पुत्र कप्तान निवासीगण गॉव सांघी को हिसार बाईपास रोहतक से गिरफ्तार किया गया है। जाँच के दौरान सामने आया कि आरोपी पिछले कुछ समय से संजय कॉलोनी रोहतक में किराये पर कमरा लेकर रह रहे थे। आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है।

सांपला से सहायक पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण ने बताया कि वारदात में मोनू डागर का नाम आया है, जो कुख्यात बदमाश है और हाल में पंजाब में जेल में बंद है। आरोपी मोनू डागर को भी प्रोडक्शन वारंट पर हासिल कर जांच में शामिल किया जाएगा। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मोनू डागर ने ट्रांसपोर्ट में हिस्सा लेने के लिए युवकों को भेजकर इस वारदात को अंजाम दिया है।

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