रोहतक के सांपला क्षेत्र के दो नाबालिग बच्चे घर से बिना बताए ट्रेन में बैठकर हरिद्वार चले गए। दोनों बच्चों के लापता होने की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई गई। अब दोनों बच्चे वापस लौट आए, जिन्हें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पेश किया, जिनकी काउंसलिंग के बाद परिजनों को सौंपा गया।
सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन एडवोकेट सतीश कौशिक ने बताया कि सांपला के 12 साल व 15 साल के दो बच्चे घर पर बिना बताए 12 जुलाई को दिल्ली वाली ट्रेन में बैठ लिए। दिल्ली से दोनों बच्चे हरिद्वार की ट्रेन में बैठकर हरिद्वार पहुंच गए। हरिद्वार में गंगा में नहाने के बाद दोनों बच्चों ने भंडारे में खाना खाया। उसके बाद वापसी की ट्रेन में बैठ गए।
बच्चों को खोजता रहा परिवार एडवोकेट सतीश कौशिक ने बताया कि दोनों बच्चों के न मिलने पर परिजनों ने लापता होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई। सांपला पुलिस दोनों बच्चों की तलाश कर रही थी। दोनों बच्चे आपस में दोस्त है और गंगा में नहाने के लिए ही घर से बिना बताए भाग गए थे।
दोनों बच्चों की विस्तृत काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग के दौरान बच्चों को बिना बताए घर छोड़कर जाने के संभावित खतरों और उसके दुष्परिणामों के बारे में समझाया गया। साथ ही भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने की सलाह दी गई।
एडवोकेट सतीश कौशिक ने कहा कि अभिभावकों को बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए। उनकी भावनाओं को समझने व उचित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया। सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोनों बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
