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रोहतक पीजीआई में 2 दिवसीय ‘ब्रेस्ट पैथोलॉजी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एवं वर्कशॉप’ शुरू

पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पैथोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘ब्रेस्ट पैथोलॉजी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एवं वर्कशॉप’ का शनिवार को सुश्रुत ऑडिटोरियम में औपचारिक शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने दीप प्रज्वलन और कॉन्फ्रेंस के सोवेनियर का विमोचन कर किया।
पैथोलॉजिस्ट की रिपोर्ट पर टिका है मरीज का सटीक इलाज: डॉ. अग्रवाल
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि आज दुनियाभर में ब्रेस्ट कैंसर एक गंभीर चुनौती बन चुका है। चिंताजनक पहलू यह है कि अब यह बीमारी कम उम्र की युवतियों को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रेस्ट पैथोलॉजी में ‘डायग्नोसिस ही केयर’ है। पैथोलॉजिस्ट द्वारा दी गई सटीक जानकारी के आधार पर ही सर्जन और ऑन्कोलॉजिस्ट मरीज के पूरे इलाज की रूपरेखा तैयार करते हैं। जांच में छोटी सी भी चूक पूरे इलाज की दिशा बदल सकती है। डॉ. अग्रवाल ने अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी से आए प्रो. डॉ. कमलजीत सिंह और डॉ. विदु कौशिक का आभार व्यक्त करते हुए पीजी छात्रों से आह्वान किया कि वे इस मंच का उपयोग जटिल केसों को समझने और रिसर्च में उत्कृष्टता लाने के लिए करें।
एडवांस तकनीक सीखकर बेहतर पेशेंट केयर देना मुख्य उद्देश्य: डॉ. सुनीता सिंह
आयोजन अध्यक्ष एवं पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीता सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य उन्नत तकनीकों और स्लाइड-बेस्ड लर्निंग के जरिए मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। हरियाणा मेडिकल काउंसिल ने इस अकादमिक आयोजन को 8 क्रेडिट ऑवर प्रदान किए हैं।
युवतियों में बढ़ रहे मामले, देर से जांच पड़ रही भारी: डॉ. संजय कुमार
आयोजन सचिव डॉ. संजय कुमार ने बताया कि पहले जहां यह बीमारी 45-50 वर्ष की उम्र के बाद देखी जाती थी, वहीं अब 25-35 वर्ष की युवतियों में भी इसके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। जीवनशैली में बदलाव, देर से विवाह, मोटापा, तनाव, शारीरिक निष्क्रियता और हार्मोनल असंतुलन इसके मुख्य कारक हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता के अभाव में युवतियां शुरुआती गांठ को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच जाती है। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में देश के 16 राज्यों के करीब 50 मेडिकल कॉलेजों से 400 डेलीगेट्स भाग ले रहे हैं।
आयोजन में प्रमुख उपस्थिति:
इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम.जी. वशिष्ठ, एमएस डॉ. सुधीर अत्री, हरियाणा मेडिकल काउंसिल से डॉ. मंदीप सचदेवा, पीजीआईडीएस प्रिंसिपल डॉ. मनु राठी, डॉ. निशा मारवाह सहित आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले डॉ. रजनीश कालरा, डॉ. वीना गुप्ता, डॉ. मीनू गिल, डॉ. सतप्रकाश कटारिया, डॉ. सुमिति गुप्ता, डॉ. सोनिया छाबड़ा, डॉ. मोनिका गुप्ता, डॉ. प्रोमिल जैन, डॉ. रेणुका वर्मा, डॉ. रिचा, डॉ. उषा और बड़ी संख्या में रेजिडेंट डॉक्टर उपस्थित रहे।

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