दिल्ली में बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश के बीच रविवार को एक बड़ा हादसा सामने आया. दिल्ली के सत्य निकेतन में एक 3 मंजिला इमारत अचानक ढह कर गिर गया. सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास का इलाका है. यहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं. जो बिल्डिंग गिरी, उसमें भी एक हॉस्टल चल रहा था. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इस हादसे में कई छात्र फंसे होंगे. इस बीच हादसे से जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए. जो हादसे की भवायहता को बता रही है. अब तक 6 लोगों मलबे से निकाला गया है. राहत-बचाव कार्य जारी है.

शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसा करीब 1 बजकर 30 मिनट के आसपास हुआ है. जहां इमारत भरभराकर गिर गई. घटना के बाद आसपास की इमारतों को भी खाली करा लिया गया है. क्योंकि दिल्ली में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है.

इस बिल्डिंग गिरने के बात वहां स्थानीय लोगों ने तत्काल मलबा हटाने का काम शुरू किया. मौके पर NSUI के कई कार्यकर्ता मलबा हटाने में जुटे हैं. स्थानीय लोग हथौड़े से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं. मलबे में कुछ गाड़ियां भी दब गईं हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली की इस बिल्डिंग में पीजी चलता

दिल्ली की इस बिल्डिंग में एक हॉस्टल संचालित था, ऐसे में बिल्डिंग गिरने से बच्चों के दबे होने की संभावना है. जिन्हें निकालने का काम शुरू हो गया है. हालांकि कितने बच्चे यहां फंसे हो सकते हैं, इसको लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता है.

एक स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी ने 50 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका जताई है. ऐहतियातन आस-पास की बिल्डिंग को भी सुरक्षा के लिहाज से खाली करा लिया है. घटना की कई तस्वीरें भी सामने आई हैं. जिसमें बिल्डिंग गिरने के बाद स्थानीय लोग भी रेस्क्यू में जुटे हुए हैं. एक युवक को यहां से रेस्क्यू भी कर लिया गया है.

DUSU अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा, अब तक करीब 10-15 छात्रों को बचाया जा चुका है, जबकि कुछ अभी भी अंदर फंसे हैं। हम उनके संपर्क में हैं और NDRF की पूरी टीम मौके पर पहुंच गई है। मैंने मुख्यमंत्री से बात की है और छात्रों की मदद के लिए अन्य टीमें भी पहुंच रही हैं। अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है।

एक चश्मदीद ने कहा- गिरी हुई इमारत का नाम ‘हॉस्टल डेज’ है। इसके ठीक बगल में एक और इमारत भी गिर गई है। ‘हॉस्टल डेज’ सिर्फ लड़कों के लिए बना PG था और यह पांच मंजिला इमारत थी। बगल वाली इमारत भी गिर गई। जो भी छात्र अपने कमरों में थे, वे मलबे में फंस गए। कितने छात्र फंसे हैं, इसकी सही संख्या रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड देखने के बाद ही पता चलेगी। इमारत गिरने के बाद से करीब 15-20 मिनट से फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें काम कर रही हैं और लोगों को बाहर निकालने की पूरी कोशिश कर रही हैं। कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। बचावकर्मी काफी मुश्किल से उन्हें बाहर निकाल रहे हैं।

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