प्रदेश सरकार की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों को दी गई ब्याज माफी की राहत अब समाप्त हो गई है। 30 जून तक बकाया टैक्स जमा नहीं कराने वाले संपत्ति मालिकों को अब मूल टैक्स के साथ नियमानुसार पूरा ब्याज भी चुकाना होगा। इसके साथ ही नगर निकायों ने टैक्स वसूली अभियान तेज कर दिया है और करीब 1800 बड़े बकायेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
सरकार ने लंबित प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली बढ़ाने और लोगों को राहत देने के उद्देश्य से ब्याज माफी योजना लागू की थी। इस योजना के तहत 30 जून तक बिना ब्याज के बकाया टैक्स जमा करने का मौका दिया गया था। अब योजना की अवधि समाप्त होने के बाद 1 जुलाई से सभी लंबित बकाया पर दोबारा नियमानुसार ब्याज लगना शुरू हो गया है।
अधिकारियों के अनुसार, समय पर टैक्स जमा नहीं करने वाले लोगों पर अब अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। पहले जहां केवल मूल टैक्स जमा कर राहत मिल सकती थी, वहीं अब ब्याज जुड़ने से देय राशि बढ़ जाएगी।
नगर निकायों ने लंबे समय से टैक्स जमा नहीं करने वाले करीब 1800 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर ली है। इनके खिलाफ वसूली की प्रक्रिया तेज की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
नगर निकायों का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स उनकी आय का प्रमुख स्रोत है। इसी राजस्व से सड़क निर्माण, नालों की सफाई, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति और अन्य नागरिक सुविधाओं पर खर्च किया जाता है। ऐसे में टैक्स वसूली प्रभावित होने से विकास कार्यों पर भी असर पड़ता है।
नगर निकायों ने सभी संपत्ति मालिकों से समय पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की अपील की है, ताकि अतिरिक्त ब्याज और संभावित कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके तथा शहर के विकास कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सकें।
