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झज्जर में दर्दनाक हादसा: पानी के हौद में डूबने से बच्ची की मौत, मां रसोई में थी; 4 साल बाद हुई थी संतान

झज्जर जिले के साल्हावास गांव में घर के पास बने पानी के हौद में डूबने से 2 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। जब बच्ची की मां घर में खाना बना रही थी और मासूम खेलते-खेलते घर से बाहर निकल गई। काफी देर तक नजर नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में हौद में बच्ची का शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया।

जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के बदायूं निवासी मजदूर कुशन पाल अपनी पत्नी के साथ साल्हावास गांव में किराए के मकान में रह रहा है। शादी के 4 साल बाद जब कोई संतान नहीं हुई तो दंपती ने मंदिरों और दरगाहों पर मन्नतें मांगी थीं। इसके बाद उनके घर बेटी का जन्म हुआ, जिसका नाम प्यार से परी रखा गया। परिवार की इकलौती संतान होने के कारण वह सभी की लाडली थी।

परिजनों ने बताया कि कुशन पाल कुछ दिन पहले मजदूरी करने के लिए पंजाब गया हुआ था। उसकी पत्नी घर में खाना बनाने में व्यस्त थी, जबकि परी घर के बाहर खेल रही थी। खेलते-खेलते वह घर के पास बने करीब 9 फुट गहरे पानी के हौद तक पहुंच गई। माना जा रहा है कि पानी में अपना प्रतिबिंब देखते हुए उसका संतुलन बिगड़ गया और वह हौद में गिर गई।

कुछ देर बाद जब बच्ची दिखाई नहीं दी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास खोजबीन के दौरान हौद में बच्ची का शव दिखाई दिया। मासूम को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

परिजनों के अनुसार आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके पास शव को गांव ले जाने के लिए एंबुलेंस का खर्च जुटाने तक के पैसे नहीं थे। ऐसे में गांव के एक पड़ोसी ने अपनी बाइक उपलब्ध कराई। भारी मन और नम आंखों के साथ पिता अपनी लाडली के शव को बाइक पर लेकर गांव के लिए रवाना हुआ। यह दृश्य अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों को भी भावुक कर गया।

मासूम की असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि घरों और निर्माण स्थलों के पास खुले पड़े पानी के हौद बच्चों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। हादसे के बाद बच्चों की सुरक्षा और ऐसे हौदों को ढकने की आवश्यकता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

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