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सिलेंडर ब्लास्ट से दर्दनाक हादसा…घर में लगी भीषण आग, 22 वर्षीय युवती की मौत

जींद। हरियाणा के जींद जिले के रजाना कला गांव में शुक्रवार सुबह सिलेंडर ब्लास्ट के बाद लगी भीषण आग में 22 वर्षीय युवती मनीषा की दर्दनाक मौत हो गई। धमाका इतना जोरदार था कि देखते ही देखते पूरा मकान आग की लपटों में घिर गया और कुछ ही देर में मलबे में तब्दील हो गया। हादसे में परिवार का सारा सामान भी जलकर राख हो गया।

सुबह 5:30 बजे हुआ जोरदार धमाका

ग्रामीणों के अनुसार, सुबह करीब 5:30 बजे अचानक घर से तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाके के बाद घर में आग लग गई और उसकी लपटें तीन मंजिला मकान जितनी ऊंचाई तक पहुंच गईं। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि घर के अंदर फंसी युवती को समय रहते बाहर नहीं निकाला जा सका।

अस्पताल ले जाते समय हुई मौत

हादसे के समय मनीषा की मां घुटनों के ऑपरेशन के कारण सुबह टहलने के लिए घर से बाहर गई हुई थीं, जबकि पिता पानीपत में एक निजी कंपनी में काम कर रहे थे। मां जब वापस लौटी तो बेटी आग की चपेट में थी। गंभीर रूप से झुलसी मनीषा को पहले सफीदों अस्पताल ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने उसे पानीपत और फिर पीजीआई रोहतक रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

मलबे में बदला पूरा मकान

धमाका इतना भीषण था कि घर की छत ढह गई, शीशे के स्लाइडिंग गेट दूर जा गिरे और घर में रखा फर्नीचर, सिलाई मशीन, पंखा समेत अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया। दोपहर तक भी मकान के मलबे से धुआं उठता रहा।

सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस टीम और सफीदों से दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

आग लगने के कारणों की जांच जारी

प्रारंभिक आशंका है कि हादसा गैस सिलेंडर फटने या शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ है। हालांकि, पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के सही कारणों की जांच कर रहे हैं।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

ग्रामीणों के अनुसार, इस अग्निकांड में परिवार का सबकुछ जलकर राख हो गया। घर में पहनने तक के कपड़े नहीं बचे हैं। परिजनों ने बताया कि मनीषा की शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग

गांव के सरपंच और ग्रामीणों ने प्रशासन व राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजा देने की मांग की है, ताकि परिवार दोबारा अपना घर बसा सके और इस मुश्किल समय से उबर सके।

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