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हरियाणा के कपड़ा शहर पानीपत से हादसों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। गोहाना रोड स्थित प्रसिद्ध गोशाला परिसर में सोमवार को निर्माण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां छत पर ईंटें चढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जा रही लिफ्ट वाली ट्रॉली में अचानक हाई-वोल्टेज करंट उतर आया। करंट इतना भीषण था कि उसकी चपेट में आकर एक मजदूर की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई, जबकि दूसरा मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया।
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, गोशाला परिसर में इन दिनों नए निर्माण का काम चल रहा था। दो मजदूर छत पर मौजूद थे और नीचे से लिफ्ट ट्रॉली के जरिए ईंटें ऊपर भेजी जा रही थीं। जैसे ही ईंटों से लदी ट्रॉली छत पर पहुंची और दोनों मजदूरों ने ईंटें खाली करने के लिए उसे छुआ, वैसे ही ट्रॉली में दौड़े तेज करंट ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसा इतना भीषण था कि जोरदार झटके के साथ दोनों मजदूर दूर जाकर गिरे और मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास काम कर रहे अन्य लोगों ने तुरंत बिजली की सप्लाई काटी और दोनों को संभाला। लेकिन तब तक एक मजदूर की सांसें थम चुकी थीं। दूसरे झुलसे हुए मजदूर को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद गोशाला प्रबंधन और निर्माण करा रहे ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण स्थल पर खुले पड़े तारों और सुरक्षा उपकरणों (Safety Gears) की अनदेखी को लेकर स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। सवाल उठ रहा है कि आखिर बिना उचित अर्थिंग और सुरक्षा जांच के लिफ्ट ट्रॉली जैसी भारी मशीनों का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा था?
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की। पुलिस ने मृतक मजदूर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल मजदूर और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यह जांच की जा रही है कि हादसा किसी अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण हुआ या फिर इसमें ठेकेदार और गोशाला प्रबंधन की आपराधिक लापरवाही रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
