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रोहतक के शांतमई चौंक पर व्यापरियों ने रोड ब्लॉक कर लगाया जाम.. ट्रैफिक व्यवस्था से दुखी

रोहतक स्थित शांतमई चौक पर शनिवार को दुकानदारों ने अपनी मांगों को लेकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही आर्य नगर थाना व ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंची और दुकानदारों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। इस दौरान काफी वाहन चालक जाम में फंसे रहे और परेशानी का सामना करना पड़ा।

दुकानदारों ने बदली हुई ट्रैफिक व्यवस्था व जलभराव की समस्या को लेकर यह कदम उठाया था। मौके पर पहुंचे ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने दुकानदारों से बातचीत की और आश्वासन दिया कि SP से बातचीत करके वन-वे को खुलवाया जाएगा। जिसके लिए सोमवार तक का समय दिया है। इस पर दुकानदार जाम खोलने को राजी हो गए।

दुकानदारों का कहना है कि त्योहारी सीजन में व्यापार फलने-फूलने की उम्मीद होती है। त्योहार पर काफी ग्राहक खरीददारी करने के लिए आते हैं, लेकिन यह रोड पुलिस ने वन-वे कर दिया है। वहीं दोपहिया वाहनों से बड़ों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी है। जिसके कारण ग्राहक दुकानों तक पहुंच ही नहीं पा रहे। इसलिए दुकानदारों का रोजगार ठप है और रोजी-रोटी के लाले पड़ने लगे हैं।

आशीष ने बताया कि यहां पर जलभराव की समस्या बनी रहती है। अब ऊपर से बरसात हो गई। जिसके कारण यह जलभराव की समस्या और अधिक बढ़ गई है। पानी निकासी नहीं हो रही। अधिकारी भी इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे, जिसका खामियाजा व्यापारी व आमजन को भुगतना पड़ रहा है। व्यापारी भी जलभराव से दुखी हैं।

इधर, शांतमई चौक से रोड को वन-वे कर दिया है। जिसके कारण ग्राहकों का आना भी काफी कम हो गया है। पहले त्योहार पर करीब 10 दिन पहले पुलिस द्वारा बैरिकेड लगाकर व्यवस्था की जाती थी। लेकिन इस बार एक माह पहले से ही बंद कर दिया। जिसके कारण गाड़ी सवार ग्राहक यहां आना तो दूर, सोचते भी नहीं। रामनिवास ने बताया कि शांतमई चौक पर पानी भरा हुआ है। जिसके कारण आने-जाने में दिक्कत होती है।

दुकानदार राजकुमार चावला ने बताया कि उनकी बिजली की दुकान हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन जाम खुलवाने के लिए होता है, लेकिन जो ट्रैफिक व्यवस्था की है उससे जाम लगवा दिया है। दुकानदारों का सामान ही नहीं बिक पा रहा। जिसके कारण खर्चा नहीं निकलता। उन्होंने मांग की कि इस मार्ग को खुलवाया जाए। दुकानदार टैक्स भुगतान करता है, लेकिन प्रशासन उनके रोजगार को ठप कर रहा है। दीवाली पर बच्चों के लिए कुछ करने की सोच रहे थे, लेकिन काम ठप होने से रोजी-रोटी के लाले पड़ रहे हैं।

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