रोहतक में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां नाबालिग शादी से दो दिन पहले ही महिला थाने पहुंच गई। जहां नाबालिग ने गुहार लगाई कि उसका भाई जबरन उसकी शादी कर रहा है। जिस पर पुलिस व महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंद्र कौर ने नाबालिग को वन स्टॉप सेंटर में रखा। साथ ही उसकी शादी रुकवाकर उसे भाई की बजाय बहन व जीजा के साथ भेज दिया।
नाबालिग की शादी 26 फरवरी को निर्धारित की गई थी। घर पर शादी की तैयारियां चल रही थी। लेकिन नाबालिग इस शादी के लिए ना तो तैयार थी और ना ही राजी थी। इसलिए उसने कानून का सहारा लेना चाहा। नाबालिग शुक्रवार को महिला थाने में पहुंची और बाल विवाह के विरुद्ध शिकायत दी।
मिली जानकारी के अनुसार रोहतक निवासी नाबालिग के माता-पिता की मौत हो चुकी है। वे चार बहन-भाई हैं। भाई सबसे बड़ा है और तीन बहनें छोटी। उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। वह तीसरे नंबर की है। अब 26 फरवरी को उसकी भी शादी निर्धारित कर रखी थी। वहीं उसके भाई की शादी भी अभी कुछ दिन पहले ही हुई थी।
नाबालिग की उम्र करीब 17 साल 3 महीने है व छठी कक्षा तक ही पढ़ी हुई है। उसका भाई मेहनत मजदूरी करता है और अब अपनी बहन के बोझ को सिर से उतारने के लिए उसकी जल्दी शादी करना चाहता था।नाबालिग के भाई व बहन को बुलाया था। नाबालिग अपनी बहन व जीजा के साथ जाने के लिए राजी हुई तो उनके साथ भेज दी। भाई से लिखवाकर भी लिया गया है। साथ ही सोमवार को सीडब्ल्यूसी के सामने नाबालिग की काउंसिलिंग भी करवाई जाएगी।

