रेलवे ट्रैक पर सेल्फी लेने के दौरान हादसों की खबरें कई बार आ चुकी हैं। इसको लेकर रेलवे प्रशासन कार्रवाई करने की बात कर चुका है, फिर भी लोग अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रैक पर सेल्फी लेने से नहीं चूकते।
कलानाैर कस्बे के रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम को दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमे शाम करीब पांच बजे मालगाड़ी के डिब्बे पर चढ़कर 3 युवक कर्ण, बिजेंद्र और अजय सेल्फी ले रहे थे लेकिन अचानक से ही तीनों को 25 हजार वोल्ट का करंट लगने से युवक झुलस गए, जिन्हे पीजीआई में दाखिल कराया गया है। इनमें कर्ण और बिजेंद्र की हालत नाजुक बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार संडे की मौज मस्ती में ये तीनों दोस्त रेलवे स्टेशन पर घूमते हुए पहुंचे थे। शाम को करीब साढ़े 7 बजे स्टेशन परिसर के बाहर अपनी बाइक खड़ी कर तीनों स्टेशन परिसर में घूमने लगे। इस दौरान ट्रैक पर रोहतक से भिवानी जा रही मालगाड़ी टीएमलके खड़ी थी। तीनों युवकों ने मालगाड़ी के एक डिब्बे पर चढ़ सेल्फी लेने और एक वीडियो शूट करने का प्लान बनाया।
इसके बाद तीनों एक डिब्बे की छत पर चढ़ गए। वहां मोबाइल से जब वो सेल्फी ले रहे थे तो ऊपर से गुजर रही बिजली की हाई टेंशन तार से गुजर रहे 25 हजार किलोवोल्ट के करंट ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। करंट लगने से तीनों युवक झुलस गए। इतना ही नहीं झटके के साथ एक युवक डिब्बे से नीचे आ गिरा। हादसे के तुरंत बाद जीआरपी ने तीनों युवकों को संभाला और उन्हें एंबुलेंस से कलानौर के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। वहां से तीनों को कुछ देर बाद पीजीआई रेफर कर दिया गया।
हादसे को लेकर बताया जा रहा है कि डिब्बे पर चढ़ जब तीनों युवकों ने फोन को ऊंचा उठा सेल्फी लेने की कोशिश की तो एक का हाथ हाई टेंशन तार से छू गया। ट्रेन के डिब्बे पर चढ़े युवकों के साथ हादसा होते ही स्टेशन पर मौजूद कई सवारियों ने शोर मचा दिया। जीआरपी ने तीनों को संभाला। अजय डिब्बे से नीचे गिरा मिला। उसके हाथ पर चोट लगी है। बिजेंद्र व कर्ण दोनों करंट लगने से काफी ज्यादा झुलसे हैं।
कलानौर के कर्ण की कस्बे में ही फ्लैक्स बोर्ड और शादी कार्ड बनाने की दुकान है। जबकि बिजेंद्र एक मिठाई की दुकान में काम करता है। अजय बीएससी सेकंड ईयर का छात्र है। रविवार को अवकाश होने के चलते तीनों दोस्त एक साथ घूमने के लिए निकले थे।
कलानौर रेलवे स्टेशन पर न पुलिस कर्मचारी और न कोई सिक्योरिटी गार्ड तैनात है। सीसीटीवी तक नहीं लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे पार की कॉलोनी के लोग हमेशा ट्रैक को पैदल पार करते हैं क्योंकि कस्बे के साथ लगते ट्रैक पर अंडरपास की सुविधा नहीं है। जीआरपी थाना प्रभारी का कहना है कि अभी जांच पड़ताल कर रहे हैं, बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।
