पहला मामला : रोहतक की चिन्योट कॉलोनी निवासी गंधर्व कोचर ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दी। जिसमें उन्होंने बताया कि वह दिल्ली स्थित जूतों की कंपनी में काम करता है। फेसबुक पर शेयर मार्केट निवेश करने का वीडियो देखा।
इस दौरान वीडियो में बताए जाने के अनुसार एक वाट्सएप ग्रुप में जुट गया। 3 अगस्त को वाट्सअप पर मैसेज आया और शेयर मार्केट में निवेश व आईपीओ खरीदने की जानकारी दी। वाट्सएप पर एक एप का लिंक मिला, जिस पर क्लिक करके एप डाउनलोड की।
दूसरा मामला : निवेश के नाम पर सवा 5 लाख ठगे रोहतक की डीएलएफ कॉलोनी निवासी राजेश गुप्ता ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी। जिसमें उन्होंने बताया कि उसने फेसबुक पर शेयर मार्केट में निवेश की वीडियो देखता था। 23 अगस्त को उन्हें एक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। जहां पर निवेश के बारे में जानकारी दी जाती थी।
इसके बाद उसे एक लिंक भेजा गया। उस पर क्लिक करके एप डाउनलोड की और रजिस्ट्रेशन किया। इसके बाद उन्होंने अपने खाते से 25000 रुपए डाले, लेकिन निवेश की रकम में काफी मुनाफा दिखाते रहे। जिसके कारण विश्वास बढ़ा और 25 सितंबर को 5 लाख रुपए निवेश कर दिए। जब पैसे निकालने चाहे तो पैसे नहीं निकले। शक हुआ तो फोन नंबर पर संपर्क किया, लेकिन सभी नंबर बंद मिले और इसकी शिकायत पुलिस को दे दी।
तीसरा मामला: रोहतक की नेहरू कॉलोनी निवासी नरेश कुमार ने साइबर क्राइम थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उसने बताया कि वह रोहतक में बिल्डिंग मैटीरियल सप्लाई का काम करता है।
उसने अपनी पत्नी के नाम से बैंक खाता खुलवाया हुआ है। सितंबर माह में उसने अपनी पत्नी के नाम से ब्लिंकिट की फ्रेंचाइजी लेने के लिए गूगल पर सर्च किया। इस दौरान उसे एक लिंक दिखाई दिया। उसने उस लिंक पर क्लिक किया तो उससे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, फर्म का नाम और लोकेशन मांगी गई। जानकारी भरने के बाद कॉल आई और दूसरी तरफ से व्यक्ति ने खुद को ब्लिंकिट कंपनी का कर्मचारी बताया।
कॉल करने वाले व्यक्ति ने ब्लिंकिट की फ्रेंकाईजी के लिए फार्म भरने के लिए कहा। 24 सितंबर को फार्म भरकर कागजात भेज दिए और कागजात भी भेज दिए। 30 सितंबर को मेल के माध्यम से अप्रूवल लेटर भेजा। रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 49 हजार 560 रुपए जमा करवाए।
इसके बाद फ्रेंचाईजी फीस, ट्रेड लाइसेंस फीस, सिक्योरिटी डिपोजिट आदि की फीस जमा करवाने के लिए रुपए जमा करवाने के लिए कहा। फीस के नाम पर 1 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक कुल 6 ट्रांजेक्शन में 15 लाख 83 हजार 560 रुपए जमा करवाए।
उन्होंने बताया कि 15 लाख 83 हजार 560 रुपए जमा करवाने के बाद उससे साढ़े 4 लाख रुपए फीस जमा करवाने के लिए कहा। जिसके बाद फोन पर बात करने वालों पर शक हुआ। इसके बाद रोहतक स्थित ब्लिंकिट कंपनी के कार्यालय में संपर्क किया और इन सबके बारे में पूछताछ किया। इसके बाद पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। पता लगने के बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी

